
Khamenei Threatens To Go To court: मिडिल ईस्ट में हालात एक बार फिर बिगड़ गए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध अब अंतरराष्ट्रीय अदालतों से लेकर सीधे सैन्य हमलों तक पहुंच चुका है। ईरान के नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के मासूम लोगों और बच्चों को मारा है, इसलिए अब इनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अदालतों में कानूनी केस दर्ज कराए जाएंगे।
वहीं अमेरिका के हवाई हमलों के जवाब में ईरान की सेना ने कुवैत और बहरीन में बने अमेरिकी ठिकानों को उड़ाने का दावा किया है।
ईरान में नेशनल वीक ऑफ द जुडिशियरी के मौके पर सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया, 'उन्होंने कहा कि मिनाब के स्कूल में छात्राओं और मासूम बच्चों पर जो हमले हुए थे, उन्हें देश कभी नहीं भूल सकता। खामेनेई ने कहा कि अमेरिकी और इजरायली नेता खुद अपने मुंह से इन अपराधों की शेखी बघारते हैं, जो इस बात का सबूत है कि वे गुनहगार हैं। अब ईरान हर एक नागरिक की मौत का हिसाब कानून के जरिए लेगा।
इस नए विवाद की शुरुआत रविवार को हुई, जब अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी समुद्री तट पर बने कई निगरानी केंद्रों पर हवाई हमले कर दिए। इस पर ईरान के विदेश मंत्रालय ने कड़ा ऐतराज जताया है। ईरान का कहना है कि यह हमला 18 जून 2026 को हुए सीजफायर समझौते का खुला उल्लंघन है। ईरान ने कहा कि अमेरिका धोखेबाज है और उसकी बातों का कोई भरोसा नहीं किया जा सकता।
इस सैन्य कार्रवाई पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी कड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने साफ किया कि ईरान ने पहले सीजफायर का उल्लंघन किया था, जिसके जवाब में अमेरिकी सेंट्रल कमांड को ईरानी मिसाइल और ड्रोन सेंटर्स को तबाह करने के आदेश दिए गए। ट्रंप ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि अगर ईरान की तरफ से उकसावे की कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो अमेरिका उसे पूरी तरह नेस्तनाबूद करने से भी पीछे नहीं हटेगा।
अमेरिका की इस कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बड़े जवाबी हमले का दावा कर दिया। IRGC के मुताबिक, उन्होंने ड्रोन और मिसाइलों से एक साझा ऑपरेशन चलाकर कुवैत और बहरीन में स्थित 8 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। ईरान ने इसे अमेरिका के हमले का करारा जवाब बताया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में युद्ध का खतरा बढ़ गया है।