
Pakistan Afghanistan Airstrike: अफगानिस्तान के कई इलाकों में सोमवार रात हुए पाकिस्तानी हमलों के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहले हवाई हमले में एक घर को निशाना बनाया गया। जब आसपास के लोग घायलों को बचाने और राहत कार्य के लिए पहुंचे, तभी इलाके में दोबारा हमला हुआ। अफगानिस्तान की ओर से दावा किया गया है कि इस दूसरे हमले में बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई।
पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने अफगानिस्तान सीमा के पास जमीनी कार्रवाई और हवाई हमले किए। पाकिस्तान के अधिकारियों ने इसे आतंकवादी ठिकानों के खिलाफ सटीक कार्रवाई बताया है, जबकि अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन ने इसे आम लोगों को निशाना बनाने वाला हमला करार दिया।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान की कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे कायराना आक्रमण बताया। वहीं तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि हमलों में महिलाओं और बच्चों समेत 36 आम नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 163 लोग घायल हो गए। तीन रिहायशी घर पूरी तरह से नष्ट हो गए।
उन्होंने बताया कि पक्तिया के चमकनी जिले के मंदोखैल गांव में पाकिस्तानी विमानों ने एक रिहायशी घर पर हमला किया। उनके अनुसार, इसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति और एक बच्चे की मौत हुई।
इस हमले के बाद जब स्थानीय लोग राहत कार्य के लिए पहुंचे तो दोबारा हमला किया गया, जिसमें कई ग्रामीणों की मौत हुई।फितरत के मुताबिक, 'पक्तिका के गयान जिले के वालुस्त गांव में हुए हमले में 6 लोगों की जान गई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे। वहीं कुनार के मनोगई जिले के बारोलो गांव में एक घर तबाह हुआ, लेकिन वहां किसी के हताहत होने की खबर नहीं दी गई। हालांकि पाकिस्तान ने नागरिकों को निशाना बनाने के आरोपों से इनकार किया है।
पाकिस्तान की यह सैन्य कार्रवाई कराची में हुए एक बड़े हमले के बाद सामने आई। शनिवार रात हथियारों से लैस हमलावरों ने पाकिस्तान रेंजर्स के क्षेत्रीय मुख्यालय पर हमला किया था। इस घटना में तीन जवानों की मौत हुई थी। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, सुरक्षा बलों ने तीन हमलावरों को मार गिराया, जबकि एक घायल हमलावर को गिरफ्तार किया गया। सेना ने दावा किया कि गिरफ्तार आरोपी अफगान नागरिक था। इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार ने ली थी।
पाकिस्तान ने फरवरी में ऑपरेशन गजब-उल-हक शुरू किया था। पाकिस्तान का कहना है कि यह अभियान सीमा पार आतंकवाद को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान के दौरान सैकड़ों आतंकियों को मारने और कई ठिकानों को नष्ट करने का दावा किया गया है।