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रूस-यूक्रेन में फिर बढ़ा तनाव, एक-दूसरे पर किया बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से भीषण अटैक

Russia-Ukraine Conflict: रूस और यूक्रेन के बीच हमले तेज हो गए हैं। दोनों देशों ने मिसाइल और ड्रोन से एक-दूसरे के अहम ठिकानों को निशाना बनाया है।
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Aug 02, 2026
Russia Ukraine War Update
रूस-यूक्रेन में बढ़ा तनाव। हमले के बाद की तस्वीर। (सोर्स: आईएएनएस)

Russia-Ukraine War Update: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। यूक्रेन ने रूस के सैन्य और ईंधन ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है। वहीं रूस ने भी कई यूक्रेनी शहरों पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। इन हमलों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। लगातार बढ़ते हमलों से क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है।

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यूक्रेन का दावा

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि उनकी सेना लगातार रूस के उन ठिकानों पर हमला कर रही है, जो युद्ध को ताकत देते हैं।

उन्होंने बताया कि रूस के सारातोव शहर स्थित एक ऑयल रिफाइनरी और एंगेल्स सैन्य एयर बेस को निशाना बनाया गया। यह इलाका युद्ध के मोर्चे से 600 किलोमीटर से भी अधिक दूर है।

जेलेंस्की के मुताबिक, कलुगा क्षेत्र के ल्यूडिनोव्स्काया ऑयल डिपो के ईंधन भंडारण केंद्र पर भी हमला किया गया। इसके अलावा ब्रायंस्क क्षेत्र में उस ठिकाने को निशाना बनाया गया, जहां ड्रोन को रखा जाता और तैयार करके लॉन्च किया जाता था। उन्होंने आगे ये भी कहा कि यूक्रेन अपनी लंबी दूरी तक मार करने वाली क्षमता लगातार मजबूत कर रहा है। ताकी आगे भी हमले जारी रख सके।

रूस के हमलों में कई शहर प्रभावित

दूसरी ओर, जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ने यूक्रेन के कई शहरों पर बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। उनके अनुसार, रविवार को सुमी क्षेत्र पर हवाई बम गिराए गए। वहीं ब्रोवरी में ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए।

उन्होंने बताया कि खार्किव और उसके आसपास का इलाका लगातार हमलों का सामना कर रहा है। शनिवार रात ओडेसा, जापोरिज्जिया और नीप्रो क्षेत्रों पर भी हमले किए गए।

जेलेंस्की के अनुसार, पिछले एक सप्ताह में 16 क्षेत्रों पर हमले हुए। रूस ने करीब 1,900 ड्रोन, 1,600 हवाई बम और 144 तरह की मिसाइलें दागीं। इनमें बैलिस्टिक मिसाइलें भी शामिल थीं। इन हमलों में 1,500 से अधिक स्थानों को नुकसान पहुंचा, जिनमें बड़ी संख्या में रिहायशी इमारतें भी शामिल हैं।

रूस पर और सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग

जेलेंस्की ने कहा कि रूस की कई ऐसी कंपनियां अब भी काम कर रही हैं, जो ड्रोन, मिसाइल और गाइडेड बमों के लिए जरूरी उपकरण तैयार करती हैं। उनका कहना है कि इन्हीं संसाधनों की वजह से रूस लगातार अपने हथियारों का उत्पादन बढ़ा रहा है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के रक्षा उद्योग पर और सख्त प्रतिबंध लगाने की अपील की। उनका मानना है कि इससे रूस की सैन्य क्षमता कमजोर होगी और आम नागरिकों पर होने वाले हमलों में कमी आएगी।

फिलहाल दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों का सिलसिला जारी है। ऐसे में युद्ध जल्द खत्म होने के संकेत फिलहाल नजर नहीं आ रहे हैं। दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है।

Updated on:
02 Aug 2026 07:59 pm
Published on:
02 Aug 2026 07:59 pm