
USA-Iran War: मिडिल ईस्ट में तनाव अब उस खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है जहां से सीधे युद्ध की शुरुआत हो सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने साफ कर दिया है कि वह ईरान (Iran) पर और बड़े हमलों की तैयारी में हैं। दावा है कि कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने वाले ईरान के हमलों के बाद अब अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाएंगे।
डोनाल्ड ट्रंप ने के ट्रे यिंग्स्ट से बातचीत में जो कहा, उसने पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मैं रुकने वाला नहीं हूं, हमले जारी रख सकता हूं। उनके पास समझौता करने और बचने का मौका था, लेकिन उसने गंवा दिया।
सोमवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के पास ईरान के एक ड्रोन ने अमेरिकी सेना के अपाचे हेलीकॉप्टर पर हमला किया। लेकिन यह ड्रोन फटा नहीं। इसका अमेरिकी राष्ट्रपति ने खुद खुलासा किया है कि ईरानी ड्रोन उड़ते हुए अपाचे हेलीकॉप्टर के अंदर दोनों पायलटों के ठीक बीच में जाकर फंस गया था। वह ड्रोन पूरी तरह सुलग रहा था, उसमें आग लगी थी, लेकिन गनीमत रही कि उसमें विस्फोट नहीं हुआ।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह घटना हुई तब अपाचे हेलीकॉप्टर कम ऊंचाई पर उड़ रहा था। आग की लपटों से घिरे ड्रोन को अपने बीच फंसा देख दोनों पायलटों के होश उड़ गए। लेकिन उन्होंने गजब का हौसला दिखाया। पायलटों ने सूझबूझ से काम लिया और जलते हुए ड्रोन के साथ ही हेलीकॉप्टर की क्रैश लैंडिंग कराई, जिससे उनकी जान बच सकी।
जब अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के एयर डिफेंस और राडार सिस्टम को निशाना बनाते हुए 20 अलग-अलग ठिकानों पर 'सेल्फ डिफेंस स्ट्राइक्स' की थीं। इसके जवाब में बुधवार को ईरान ने फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दाग दीं। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी ठिकाने पर सीधे हथियार गिरने या भारी नुकसान की खबर नहीं है। लेकिन ट्रंप के इस ताजा बयान के बाद अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में बड़े युद्ध का खतरा मंडराने लगा है।