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होर्मुज संकट पर अमेरिका-ब्रिटेन का प्लान, शिपिंग सुरक्षा के लिए बनेगा अंतरराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन, लंदन में होगी बैठक

Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरानी हमलों के बीच अमेरिका और ब्रिटेन लंदन में बड़ी बैठक करने जा रहे हैं। जानें क्या है डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी और भारत पर इसका क्या असर होगा।
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Jul 25, 2026
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होर्मुज को बचाने के लिए अमेरिका-ब्रिटेन ने बनाई अंतरराष्ट्रीय गठबंधन की योजना | फोटो सोर्स- ANI

Donald Trump: दुनियाभर में तेल सप्लाई के लिए सबसे जरूरी माने जाने वाले होर्मुज रास्ते (Strait of Hormuz) पर भारी तनाव बना हुआ है। ईरान की समुद्री नाकाबंदी और कमर्शियल जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों से निपटने के लिए अमेरिका और ब्रिटेन ने हाथ मिला लिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देश अगले हफ्ते लंदन में एक हाई-लेवल मीटिंग करने की तैयारी में हैं। इस बैठक का मुख्य मकसद एक शक्तिशाली अंतरराष्ट्रीय समुद्री गठबंधन बनाना है, ताकि इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा दी जा सके।

लंदन की बैठक में जुटेंगे बड़े-बड़े सैन्य अफसर

लंदन में होने वाली इस इमरजेंसी बैठक में पश्चिमी देशों के साथ-साथ मिडिल ईस्ट के रक्षा मंत्री और सेना के बड़े अधिकारी शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और ज्वाइंट चीफ्स के चेयरमैन जनरल डैन केन खुद इसमें हिस्सा लेने पहुंच सकते हैं। हालांकि, बैठक की सही तारीख और समय को अभी तय किया जा रहा है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने भी माना है कि दोनों देश मिलकर इस पर काम कर रहे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप की खुली धमकी, 'एक भी हमला हुआ, तो ईरान का बिजली घर उड़ा देंगे'

यह पूरी हलचल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस सख्त चेतावनी के बाद शुरू हुई है, जो उन्होंने ईरान को दी थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साफ-साफ कहा है कि अगर ईरान ने इस समुद्री रास्ते में किसी भी जहाज पर मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन से हमला किया, तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगी। बदले में अमेरिकी सेना ईरान के किसी बड़े पुल या बिजली संयंत्र (पावर प्लांट) को बम से उड़ा देगी। ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया है कि अमेरिका इस इलाके को छोड़कर कहीं नहीं जा रहा है।

अमेरिका क्यों मांग रहा है दूसरे देशों की मदद?

यूरोप के कुछ राजनयिकों (अफसरों) का कहना है कि अमेरिका असल में ईरान के साथ सीधे युद्ध से बचना चाहता है। इसलिए वह चाहता है कि ब्रिटेन, फ्रांस और दूसरे देश भी आगे आएं और सुरक्षा की जिम्मेदारी बांटें। अमेरिका चाहता है कि उसके साथी देश समंदर से बारूदी सुरंगें हटाने वाले जहाज, नौसेना के पोत और ड्रोन इस रास्ते पर तैनात करें।

क्रूड ऑयल में उछाल, ओमान बना 'शांतिदूत'

ईरान द्वारा जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद से ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में भारी उछाल आया है। इससे अमेरिका सहित दुनिया भर में ईंधन महंगा होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे व्हाइट हाउस पर आर्थिक दबाव है। इस बीच जंग के खतरे को टालने के लिए बातचीत का दौर भी शुरू हो गया है। पड़ोसी देश ओमान का एक दल ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचा है, ताकि बातचीत के जरिए इस समुद्री रास्ते को दोबारा सुरक्षित तरीके से खुलवाया जा सके। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी इस मामले में ओमान के नेताओं से फोन पर बात की है।

Updated on:
25 Jul 2026 10:31 am
Published on:
25 Jul 2026 09:43 am