
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि जब तक वह इजराइल की सत्ता में रहेंगे, तब तक वे इरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ इस मुद्दे पर पूरी सहमति जताई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने इरान के साथ एक बड़ा डिप्लोमैटिक समझौता होने की घोषणा कर दी है।
डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि इरान के साथ युद्ध खत्म करने का समझौता हो गया है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच एक मजबूत फ्रेमवर्क एग्रीमेंट तैयार हो चुका है। इसमें इरान को किसी भी हालत में परमाणु हथियार बनाने, खरीदने या विकसित करने की मनाही है।
ट्रंप के मुताबिक, दस्तावेज अगले कुछ दिनों में फाइनल हो जाएंगे और हो सकता है कि इस हफ्ते यूरोप में साइनिंग हो जाए। ट्रंप ने दावा किया कि इरान के सुप्रीम लीडर ने भी इस व्यवस्था को मंजूरी दे दी है।
ट्रंप ने कहा- इरान परमाणु बम कभी नहीं रख पाएगा। यह हमारा मुख्य लक्ष्य है। ट्रंप ने बताया कि हाल के संघर्ष में इरान की सेना, नौसेना, वायुसेना और एंटी-एयरक्राफ्ट सिस्टम बुरी तरह कमजोर हो गए हैं।
नेतन्याहू ने एक्स पर लिखा- जब तक मैं इजराइल का प्रधानमंत्री हूं, इरान को परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे। ट्रंप और मेरे बीच इस मुद्दे पर पूरी सहमति है।
उन्होंने कहा कि पिछले 30 साल से वह इरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लड़ाई लड़ रहे हैं। अगर उनका यह अभियान न होता तो इरान बहुत पहले ही इजराइल को नष्ट करने वाले बम बना चुका होता।
नेतन्याहू ने जोर देकर कहा कि इरान इजराइल को खत्म करने की कोशिश कर रहा है और उन्होंने अपना पूरा जीवन इस खतरे को रोकने में लगा रखा है।
उधर, ट्रंप ने इस समझौते के बाद इजराइल, कतर, यूएई, सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत के नेताओं से बात की है। कई देशों ने भी इस समझौते का समर्थन किया है। ट्रंप का कहना है कि सैन्य दबाव के बाद ही इरान डील के लिए तैयार हुआ।