
कोतमा सीट से भाजपा के दिलीप जायसवाल जीत गए।
अनूपपुर जिले की कोतमा विधानसभा क्षेत्र (kotma vidhan sabha seat) कांग्रेस के प्रभाव वाली सीट है। यहां 9 बार से कांग्रेस और तीन बार भाजपा प्रत्याशी चुनाव जीत पाए हैं। अब तक भाजपा कांग्रेस के अलावा कोई भी निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत पाया। अनूपपुर जिले की कोतमा विधानसभा सीट पर भी भाजपा ने कब्जा जमा लिया। भाजपा प्रत्याशी दिलीप जायसवाल ने कांग्रेस के सुनील सराफ को 22 हजार 788 वोटों से हरा दिया। जैसवाल को 65 हजार 818 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सुनील सराफ को 43 हजार 030 वोट मिले। वहीं तीसरे नंबर पर रही सीमा केवट को 2977 वोट मिले। 17 नवंबर को कोतमा विधानसभा सीट पर 76.08 प्रतिशत मतदान हुआ था।
कोतमा विधानसभा क्षेत्र (kotma vidhan sabha chunav) में अब तक सर्वाधिक कांग्रेस पार्टी के ही विधायक निर्वाचित हुए हैं। वर्ष 1957 से 2018 तक 9 बार यहां की जनता ने कांग्रेस प्रत्याशियों को जीत दिलाई। वही तीन बार भाजपा के विधायक भी यहां से निर्वाचित हुए हैं। जबकि दो बार जनता पार्टी के विधायक भी कोतमा विधानसभा सीट से निर्वाचित हुए हैं। शहडोल लोकसभा क्षेत्र से सांसद रही स्व. राजेश नंदिनी सिंह भी यहां से विधायक रह चुकी हैं।
सुनील के सामने दिलीप
इस बार यहां भाजपा ने पूर्व विधायक दिलीप जायसवाल को प्रत्याशी बनाया था। दिलीप जायसवाल 2008 में विधायक निर्वाचित हुए थे तथा 2018 में पुन: पार्टी ने इन्हें प्रत्याशी बनाया था जहां इन्हें कांग्रेस के सुनील सराफ ने 11429 मतों से हराया था। यहां से वर्ष 1957 में कांग्रेस पार्टी के हरिराज कुंवर, वर्ष 1962 में कांग्रेस की गिरिजा कुमारी, वर्ष 1967 में कांग्रेस के केएम सिंह, वर्ष 1977 में जनता पार्टी के बाबूलाल सिंह, वर्ष 1980 में कांग्रेस के भगवानदीन, वर्ष 1985 में फिर से कांग्रेस के भगवानदीन, 1990 में जनता पार्टी के छोटेलाल भारतीय, 1993 में कांग्रेस की राजेश नंदिनी सिंह, 1998 में भाजपा के जय सिंह मरावी, 2003 में पुन: भाजपा के जय सिंह मरावी, 2008 में भाजपा के दिलीप कुमार जायसवाल, 2013 में कांग्रेस के मनोज कुमार अग्रवाल तथा 2018 में कांग्रेस के ही सुनील कुमार सराफ निर्वाचित हुए।
वर्ष 2008 से अनारक्षित सीट
वर्ष 2008 में निर्वाचन आयोग द्वारा कोतमा विधानसभा क्षेत्र को अनारक्षित सीट घोषित किया गया। इसके बाद से लगातार तीन बार यहां विधानसभा निर्वाचन हुए लेकिन भाजपा ने सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के स्थान पर ओबीसी उम्मीदवारों पर विश्वास जताया। 2013 में यहां भाजपा के वरिष्ठ नेता स्व. राजेश सोनी को भी चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
विधानसभा क्षेत्र कोतमा
वर्ष 2008
तीसरा दल बीएसपी
निर्दलीय प्रत्याशी 14
मत 7800
वर्ष 2013
तीसरा दल बीएसपी
निर्दलीय प्रत्याशी 11
मत 0400
वर्ष 2018
तीसरा दल गोंगपा
निर्दलीय प्रत्याशी 6
मत 4100
Updated on:
04 Dec 2023 02:37 pm
Published on:
31 Oct 2023 08:58 am
