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अशोकनगर. आयुर्वेदिक अस्पताल का चपरासी डॉक्टर बनकर गांव में इलाज कर रहा था। जिसने सर्दी-जुकाम से पीडि़त वृद्ध को दो इंजेक्शन लगा दिए तो इंजेक्शन लगते ही उसके पैर सुन्न हो गए। हालांकि बाद में चपरासी ने वृद्ध का दो बार झांसी में इलाज कराया, लेकिन कोई लाभ नहीं मिला तो वृद्ध ने पुलिस थाने में और कलेक्टर से मामले की शिकायत की है।
मामला जिले के चंदेरी थाना क्षेत्र के गोराकलां गांव का है। 63 वर्षीय वृद्ध कलुआ पुत्र जमुआ अहिरवार ने कलेक्टर को व चंदेरी पुलिस थाने में शिकायत कर कहा कि उनके गांव में का पन्नीलाल अहिरवार आयुर्वेदिक अस्पताल में चपरासी है, जो गांव में डॉक्टर बनकर इलाज करता है। पांच सितंबर को पन्नीलाल ने सर्दी-जुकाम होने पर मुझे दो इंजेक्शन लगा दिए, लेकिन इंजेक्शन लगते ही पैर सुन्न हो गया तो पन्नीलाल ने दवाई दे दी। जिसका इलाज कराने के बाद लाभ नहीं मिल रहा है।
वृद्ध कलुआ अहिरवार का कहना है कि पैर सुन्न हो जाने से पन्नीलाल अहिरवार ने दो बार उसका झांसी में इलाज करवाया, लेकिन लाभ नहीं मिला। इससे गांव की पंचायत बुलाई और पंचायत में पन्नीलाल ने मुझे 1100 रुपए दिए, लेकिन उन पैसों से इलाज कराने पर भी लाभ नहीं मिला और जिला अस्पताल में भर्ती है। वृद्ध ने मांग की है कि पन्नीलाल के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
Published on:
06 Oct 2021 10:42 am
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