
भाजपा विधायक का निर्वाचन शून्य, अब नहीं रहेेंगे विधायक
अशोकनगर. भाजपा विधायक जजपाल सिंह जज्जी की सदस्यता ग्वालियर हाईकोर्ट ने शून्य घोषित कर दी है, हाईकोर्ट ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र मामले में फैसला सुनाते हुए साल 2018 का चुनाव शून्य घोषित कर दिया है, इस मामले में विधायक पर 50 हजार रुपए के जुर्माने और एफआईआर के आदेश भी हुए हैं। दरअसल जजपालसिंह जज्जी ने नपाध्यक्ष का चुनाव ओबीसी के जाति प्रमाण पत्र और 2018 में अशोकनगर विधानसभा का चुनाव कांग्रेस प्रत्याशी अनुसूचित जाति प्रमाण पर लड़ा था।
जानकारी के अनुसार अशोकनगर विधायक जजपालसिंह जज्जी फर्जी प्रमाण पत्र को लेकर लंबे समय से सुर्खियों में है, बताया जा रहा है कि उन्होंने ओबीसी के जाति प्रमाण पत्र पर विधानसभा का चुनाव बतौर कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में लड़ा था, जाति प्रमाण पत्र को फर्जी बताते हुए भाजपा के अशोकनगर पूर्व विधायक लड्डूराम कोरी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, इस संबंध में भोपाल की जांच समिति ने भी ओबीसी के प्रमाण पत्र को निरस्त कर दिया था, उन्होंने अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्र को सही माना था, इस संबंध में ग्वालियर हाईकोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया और 2018 के निवार्चन को शून्य किया, हालांकि लड्डूराम कोरी ने बताया कि अभी उन्हें इस आदेश की कॉपी नहीं मिली है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास हैं जजपालसिंह जज्जी
विधायक जजपाल सिंह जज्जी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खास हैं। वे सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए थे, वे साल 2020 के उपचुनाव में भाजपा के टिकिट पर विधायक चुने गए थे। जाति प्रमाणपत्र मामले में अशोकनगर विधायक जजपालसिंह जज्जी पर हाईकोर्ट की कार्रवाई हुई है, ग्वालियर हाईकोर्ट ने चुनाव शून्य घोषित कर दिया है, इसी के साथ 50 हजार रुपए जुर्माना और एफआइआर के निर्देश भी दिए हैं। मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर बैंच का आदेश हुआ है, जिसमें भाजपा के अशोकनगर विधायक जजपाल सिंह जज्जी की सदस्यता शून्य कर दी गई है।
Updated on:
12 Dec 2022 02:07 pm
Published on:
12 Dec 2022 02:00 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
