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पाकिस्तान के विदेश मंत्री बोले, आंतरिक राजनीति के कारण भारत नहीं करना चाहता बातचीत

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान जब तक आतंकियों को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक उसके साथ कोई बात नहीं होगी।

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पाकिस्तान के विदेश मंत्री बोले, आंतरिक राजनीति के कारण भारत नहीं करना चाहता बातचीत

हाल ही में भारत ने जम्मू-कश्मीर में पुलिसकर्मियों के मारे जाने के विरोध में पाकिस्तान से किसी भी तरह की बातचीत करने से इनकार कर दिया था। अब पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने आरोप लगाया है कि भारत आंतरिक राजनीति और चुनावी दबाव के कारण पाकिस्तान की नई सरकार के साथ बातचीत नहीं करना चाहता है। बता दें, न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी में बैठक की खबरें आ रही थीं। भारत ने इस बातचीत के लिए हामी भी भर दी थी। किंतु पुलिसकर्मियों के मारे जाने के बाद भारत ने किसी तरह की बातचीत से मना कर दिया।

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बता दे, जम्मू कश्मीर में तीन पुलिसकर्मियों की नृशंस हत्या कर दी गई थी। साथ ही कश्मीरी आतंकी बुरहान वानी का महिमामंडन करते हुए पाकिस्तान ने डाक टिकट जारी किया था। इसके विरोध में भारत ने पिछले सप्ताह बैठक रद्द कर दी थी।
एशिया सोसाइटी की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में एक सवाल का जवाब देते हए कुरैशी ने कहा- ‘भारत बात क्यों नहीं करना चाहता, साफ है कि राजनीति, चुनावी वजह है...वे मतदाताओं से डरे हुए हैं। वे मझधार में फंसे हुए हैं...।' उन्होंने कहा, 'चुनाव पास हैं उन्हें (भारत सरकार) लगता है कि इसका विपरीत असर हो सकता है।’
गौर हो, भारत ने कहा है कि पाकिस्तान जब तक आतंकियों को समर्थन देना बंद नहीं करता, तब तक उसके साथ कोई बात नहीं होगी।

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार- गुरुवार को भी पाकिस्तान को झटका देते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सार्क के विदेश मंत्रियों की बैठक से जल्दी बाहर आ गई थीं। बैठक में पाकिस्तान के विदेश मंत्री कुरैशी भी शामिल होने वाले थे।
एक अन्य सवाल के जवाब में कुरैशी ने कहा कि- ‘काश हम मुस्कराते. लेकिन (मैं) भारी तनाव (स्वराज के चेहरे पर) देख सकता हूं। और जब वे गईं, वे मीडिया से भी बात करने को इच्छुक नहीं थीं। मैं दबाव देख सकता हूं...’
कुरैशी ने कहा- ‘और कुछ नहीं, राजनीति, आंतरिक राजनीति ही वजह है (जिस कारण से भारत पाकिस्तान से बात नहीं करना चाहता।)’ उन्होंने कहा कि यह देखना दुखद था कि एक देश के कारण एक क्षेत्रीय मंच (सार्क) में यह सब हुआ।
बता दें, मंगलवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ से मिलेंगे। कुरैशी ने कहा कि- ‘आज भारत अमेरिका का रणनीतिक साझेदार है। इस पर हमें कोई मलाल नहीं है। किंतु हमें लगता है पाकिस्तान ऐसा सहयोगी है जो हमेशा अमेरिका के साथ खड़ा रहा है।’

कुरैशी ने अमेरिका को भी संदेश देने का प्रयास किया कि- अगर ट्रंप प्रशासन पाकिस्तान की नई सरकार के साथ भागीदारी नहीं करता है तो वह मौके गंवा देगा।