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9 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi : नौ मुखी रुद्राक्ष क्यों है खास? जानिए पहनने के फायदे और सही तरीका

9 Mukhi Rudraksha Benefits : नौ मुखी रुद्राक्ष देवी दुर्गा का प्रतीक माना जाता है, जो सुरक्षा, साहस और मानसिक शांति देता है। जानिए 9 मुखी रुद्राक्ष के फायदे, केतु दोष पर असर, पहनने का सही तरीका और असली पहचान।

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भारत

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Manoj Vashisth

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Astrologer Sharad Sharma

Apr 20, 2026

9 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi

9 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi : 9 मुखी रुद्राक्ष के फायदे (फोटो सोर्स: AI@Gemini)

9 Mukhi Rudraksha Benefits in Hindi : रुद्राक्ष का नाम सुनते ही मन में आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का भाव जाग उठता है। लेकिन जब बात 9 मुखी रुद्राक्ष की आती है, तो इसकी महिमा और भी खास हो जाती है। यह सिर्फ एक धार्मिक माला का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन में साहस, शांति और सुरक्षा लाने वाला एक शक्तिशाली साधन माना जाता है। आइए समझते हैं एस्ट्रोलॉजर डॉ शरद शर्मा से 9 मुखी रुद्राक्ष क्यों है खास और कौन-कौन इसे पहन सकता है?

तो आखिर नौ मुखी रुद्राक्ष खास क्यों है?

यह रुद्राक्ष देवी दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक है, जिन्हें नवदुर्गा भी कहते हैं। हर रूप, हर पहलू के लिए शक्ति, बुद्धि, और रक्षा। कहते हैं, जो भी इसे पहनता है उसे देवी के सभी रूपों की कृपा मिलती है, जिससे वो किसी भी मुश्किल से डरता नहीं, बल्कि डट कर उसका सामना करता है।

माना जाता है कि ये उन लोगों के लिए सबसे ज़्यादा फायदेमंद है जिन्हें बार-बार डर लगता है, जो तनाव में रहते हैं या मन में अस्थिरता महसूस करते हैं।

(वीडियो सोर्स:Bhakti Times)

केतु ग्रह और 9 मुखी रुद्राक्ष

ज्योतिष के अनुसार, 9 मुखी रुद्राक्ष का संबंध केतु ग्रह से जुड़ा है। केतु को रहस्य और अध्यात्म का ग्रह कहा जाता है, जो हमें भौतिक इच्छाओं से दूर कर आत्मज्ञान की ओर ले जाता है। अगर किसी की कुंडली में केतु कमजोर है या उसका असर नकारात्मक है, तो 9 मुखी रुद्राक्ष उसे काफी हद तक हल्का कर सकता है। इसके असर से:

  • अनावश्यक डर कम होते हैं,
  • भ्रम मिटता है,
  • आत्मविश्वास बढ़ जाता है,
  • और जिंदगी थोड़ी आसान लगने लगती है।

शरीर और मन पर भी असर

9 मुखी रुद्राक्ष सिर्फ धार्मिक या आध्यात्मिक चीज़ नहीं है, ये आपकी सेहत और मानसिक शक्ति को भी मजबूत करता है। रोज पहनने या साथ रखने से:

  • तनाव और चिंता कम होती है,
  • मन शांत रहता है,
  • ऊर्जा में इज़ाफा होता है,
  • और आपकी डिसीजन पावर बढ़ती है।

जैसे-जैसे ज़िम्मेदारियां बढ़ती हैं चाहे आप टीचर हों, लीडर या बिजनेस प्रो ये आपके लिए भी मददगार है।

कौन पहन सकता है?

इस रुद्राक्ष को कोई भी पहन सकता है लड़का, लड़की, महिला, पुरुष, या फिर छात्र। इसका कोई धर्म, जाति या उम्र से लेना-देना नहीं। खासकर उनके लिए बढ़िया है:

  • जिन्हें अध्यात्म में रुचि है,
  • जिनकी कुंडली में केतु से जुड़ी दिक्कतें हैं,
  • या जो अपने जीवन में बार-बार अड़चनों या नकारात्मकता का सामना कर रहे हैं।

रुद्राक्ष पहनने का सही तरीका

अगर इसका पूरा लाभ चाहिए तो पहनने का तरीका भी सही होना चाहिए:

  • सुबह साफ-सुथरे होकर,
  • रुद्राक्ष की पूजा करें चंदन, फूल, अगरबत्ती के साथ।
  • “ॐ ह्रीं हूं नमः” मंत्र 108 बार बोलें।
  • गले, हाथ या माला के रूप में पहन लें।

देखभाल मत भूलें

  • रूद्राक्ष को संभालकर रखना भी जरूरी है। नहाते वक्त या सोते समय इसे निकाल दें।
  • कभी-कभी पानी से धो लें, हल्का सा तेल लगाकर चमका लें,
  • और कोशिश करें कि ये हमेशा पवित्र जगह रहे।

कुछ बातें जो नजरअंदाज नहीं करनी चाहिए

आजकल ढेर सारे नकली रुद्राक्ष भी बिक रहे हैं, तो असली-नकली की पहचान करें। असली 9 मुखी में 9 क्लियर लाइनें होती हैं और यह पानी में डूब जाता है।

सबसे मजेदार और नई बात ये है कि योग, मेडिटेशन की बढ़ती डिमांड के साथ अब 9 मुखी रुद्राक्ष भी धड़ल्ले से लिया जा रहा है। अब लोग इसे सिर्फ आस्था के लिए नहीं, बल्कि मानसिक शांति और स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए भी पहनते हैं।

तो साफ है 9 मुखी रुद्राक्ष कोई आम धार्मिक चीज नहीं, ये आपके जीवन को संतुलित, सुरक्षित और शक्तिशाली बनाने का एक दमदार जरिया है। दिल से लें और सही तरीके से पहनें, फिर देखिए बदलाव अपने आप महसूस होने लगेंगे।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।