शुक्र मिथुन में गोचर, सूर्य देव कर्क राशि में गोचर और मंगल कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इसका सभी राशियों पर शुभ अशुभ असर पड़ेगा। गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में उदित होंगे, शनि देव मीन राशि में वक्री होंगे, बुध कर्क में वक्री और बुध कर्क राशि में अस्त होंगे। इसके साथ ही शनि मीन राशि में, गुरु मिथुन राशि में, राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में गोचर करते हुए सभी राशियों को प्रभावित करेंगे। चंद्रमा हर सवा 2 दिन के बाद अपनी चाल बदलते रहते हैं।