
Kundli Matching for Marriage : परफेक्ट जोड़ी के लिए 5 ज्योतिषीय नियम
Kundli Matching for Marriage : कपल्स के रिश्ते को असल में ग्रहों की आपसी केमिस्ट्री तय करती है कभी सब कुछ शुभ तरीके से चलता है, तो कभी मुश्किलें आती हैं। ज्योतिष हमेशा से रिश्तों और कम्पैटिबिलिटी को समझने का एक तरीका रहा है, चाहे बात राशियों की हो या ग्रहों की पॉजिशन की। शादी के लिए सही मैच ढूंढने में ये सब चीजें काफी मदद कर सकती हैं। आइए , जानते हैं एस्ट्रोलॉजर शरद शर्मा से शादी के लिए सही मैच कैसे बनता है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
Shadi Kundli Milan : जब भी आप किसी नए पार्टनर के बारे में सोचते हैं, उनकी कुंडली की कुछ बातें देखना फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे पता चलता है कि आप दोनों कितनी अच्छी तरह साथ आ सकते हैं, और क्या आपका रिश्ता लंबा चल सकता है।
ज्योतिषियों के मुताबिक, सन साइन कम्पैटिबिलिटी हमेशा एक अच्छा शुरुआती पॉइंट होती है, भले ही ये हमेशा सबसे पक्की गारंटी न हो। सन साइन आपकी बेसिक पर्सनैलिटी और नेचर बताते हैं। चार एलिमेंट आग, पृथ्वी, हवा, पानी ये दिखाते हैं कि आपका और आपके पार्टनर का नेचर कितना मेल खाता है, या कहीं एनर्जी क्लैश तो नहीं होती।
अगर सन साइन आपकी पर्सनैलिटी है, तो मून साइन बताते हैं कि आप दिल से कैसे हैं। अपने पार्टनर का मून साइन जानना जरूरी है, क्योंकि इससे पता चलता है कि आप दोनों इमोशनली कितने ट्यून हैं। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि मून-टू-मून कम्पैटिबिलिटी आपके इमोशनल कनेक्शन को गहरा बनाती है मतलब, आप दोनों एक-दूसरे की फीलिंग्स को समझ सकते हैं और मुश्किल वक्त में एक-दूसरे को सही तरह सपोर्ट कर सकते हैं।
राइजिंग साइन, या लग्न, ये बताता है कि आप लोगों को कैसे नजर आते हैं। आपकी और आपके पार्टनर की राइजिंग साइन का तालमेल यह तय करता है कि आप पहली बार एक-दूसरे से कैसे जुड़ते हैं। अगर राइजिंग साइन का एलिमेंट या नेचर मिलता-जुलता है, तो अक्सर केमिस्ट्री खुद-ब-खुद बन जाती है, और पहली बातचीत से ही आप दोनों को एक कनेक्शन महसूस होता है।
वीनस सिर्फ रोमांस या प्यार के बारे में नहीं है, बल्कि ये दिखाता है कि आप प्यार कैसे जताते हैं और केयरिंग कैसे दिखाते हैं। मार्स बताता है कि आप क्या चाहते हैं और आपकी फिजिकल अट्रैक्शन कैसी है। इन दोनों ग्रहों का अच्छा तालमेल आपके रिश्ते में रोमांस और पैशन लाता है। जब वीनस-मार्स का कनेक्शन स्ट्रॉन्ग हो, तो रिलेशनशिप में एक्साइटमेंट और फिजिकल केमिस्ट्री बनी रहती है।
ज्योतिष में सातवां घर शादी और पार्टनरशिप का घर माना जाता है। एस्ट्रोलॉजर इस घर को देख कर समझते हैं कि कोई रिश्ता टिकेगा या नहीं। इस घर की हालत और इसे कंट्रोल करने वाला ग्रह आपके चार्ट में कितना मजबूत है, इससे पता चलता है कि आप कमिटमेंट को कैसे देखते हैं, और आपके लिए शादी का मतलब क्या है।
असल कम्पैटिबिलिटी तब पता चलती है जब दो लोगों की कुंडली एक साथ देखी जाती है। अगर पहलू पॉजिटिव हैं जैसे ट्राइन या सेक्सटाइल तो रिश्ता नैचुरली सपोर्टिव और हार्मोनियस होता है। अगर स्क्वेयर या अपोजीशन जैसे टफ पहलू हैं, तो थोड़ी मेहनत करनी पड़ती है, पर अगर दोनों कोशिश करें, तो दिक्कतें हल हो सकती हैं।
आजकल लोग अपने रिश्तों में लाइफ की गहराई समझने के लिए ज्योतिष को सीरियसली ले रहे हैं। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आप ये डीप एस्ट्रोलॉजिकल इंडिकेटर्स समझ लें, तो अपने रिश्ते को और समझदारी से हैंडल कर सकते हैं। तारे आपकी किस्मत नहीं लिखते, लेकिन बहुत लोग मानते हैं कि ये आपको एक तरह का कॉस्मिक रोडमैप देते हैं जिसमें गहरे रिश्ते और लंबा साथ पाने की राह होती है।
Published on:
27 Nov 2025 12:09 pm
बड़ी खबरें
View Allधर्म/ज्योतिष
ट्रेंडिंग
