
भारत में दिखाई नहीं देगा चंद्र ग्रहण (Image Source: Freepik)
Chandra Grahan : सावन की पूर्णिमा पर 28 अगस्त को देशभर में रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा। भाई बहन के स्नेह के इस त्योहार पर इस बार भद्रा का साया नहीं है। हालांकि श्रावणी पूर्णिमा यानि रक्षाबंधन के दिन चंद्रग्रहण जरूर लग रहा है लेकिन इसमें भी राहत यह है कि यह भारत में दिखाई नहीं देगा। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा जोकि साल का दूसरा व अंतिम है। चंद्रग्रहण प्रमुख रूप से यूरोप, अमेरिका, अफ्रीका आदि महाद्वीपों में प्रभावी रहेगा। धर्माचार्य और ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि चूंकि भारत में यह दिखाई ही नहीं देगा इसलिए शास्त्रों के अनुसार चंद्रग्रहण का कोई सूतक भी नहीं होगा।
धर्माचार्य और ज्योतिषाचार्य इसपर एकमत हैं कि भारत में दिखाई नहीं देने के कारण चंद्रग्रहण प्रभावी नहीं
धार्मिक और खगोलीय दृष्टि से शुक्रवार का दिन बेहद अहम होगा। इस दिन सावन पूर्णिमा होने से जहां रक्षाबंधन का महापर्व मनाया जाएगा वहीं यह चंद्र ग्रहण का भी दिन है। राखी जैसे त्योहार पर चंद्रग्रहण का साया पड़ने से कई लोग धर्मसंकट में फंस गए हैं। हालांकि इस भ्रम को तुरंत हटा देना चाहिए। सभी धर्माचार्य और ज्योतिषाचार्य इसपर एकमत हैं कि भारत में दिखाई नहीं देने के कारण चंद्रग्रहण प्रभावी नहीं होगा। इससे जुड़ी कोई पाबंदी मान्य नहीं होगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि 28 अगस्त को चंद्रग्रहण ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:55 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा। यह कुंभ राशि और शतभिषा नक्षत्र में लगेगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा। सुबह जब ग्रहण की शुरुआत होगी तब देश में चंद्रमा अस्ताचलगामी होगा, सूर्योदय हो चुका होगा।
पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि शास्त्रों में स्पष्ट लिखा है कि "यस्य दर्शनं नास्ति, तस्य सूतकं नास्ति" अर्थात जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां उसका सूतक भी नहीं लगता है। चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण के लिए यह सर्वमान्य शास्त्रोक्त नियम है। यही कारण है कि 28 अगस्त को भारत में चंद्रग्रहण का सूतक नहीं लगेगा। ग्रहण काल का कोई भी नियम मान्य नहीं होगा। इस दिन परंपरानुसार पूजा की जा सकेगी, भोजन बनाया व सेवन किया जा सकेगा और राखी भी बांधी जा सकेगी।
Updated on:
27 Aug 2026, 2:03 PM IST
Published on:
27 Aug 2026, 1:26 PM IST
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