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Brahma Muhurat Mantra: सुबह 4 से 5:30 के बीच करें इन मंत्रों का जाप, लाइफ में मिल सकती है सक्सेस

Brahma Muhurat Mantra: सुबह का ब्रह्म मुहूर्त यानी सूर्योदय से पहले का समय आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर माना जाता है। इस दौरान किया गया मंत्र जाप मन, मस्तिष्क और आत्मा पर गहरा असर डालता है। अगर आप अपनी लाइफ में सकारात्मक बदलाव चाहते हैं, तो इस पवित्र समय का सही उपयोग बेहद फायदेमंद हो सकता है।

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भारत

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MEGHA ROY

May 06, 2026

Brahma Muhurat Mantra

Mantra for success and peace hindi|Chatgpt

Brahma Muhurat Mantra: सुबह का समय सिर्फ एक नई शुरुआत नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा से जुड़ने का सबसे खास मौका भी माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त, यानी सुबह 4:00 बजे से 5:30 बजे के बीच का समय, शास्त्रों में बेहद पवित्र बताया गया है। मान्यता है कि इस दौरान वातावरण शांत और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होता है, जिससे मन, मस्तिष्क और आत्मा के बीच बेहतर तालमेल बनता है। कहा जाता है कि ब्रह्म मुहूर्त में किया गया ध्यान और मंत्र साधना न केवल मानसिक शांति देता है, बल्कि जीवन की बाधाओं को कम करने और सफलता की दिशा में आगे बढ़ने में भी सहायक हो सकता है।

क्यों खास है ब्रह्म मुहूर्त?

इस समय वातावरण शांत और ऊर्जा शुद्ध होती है। मन जल्दी एकाग्र होता है, जिससे मंत्रों का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यही कारण है कि ऋषि-मुनि भी इसी समय साधना करते थे।

Early Morning Spiritual: ब्रह्म मुहूर्त में करें इन मंत्रों का जाप

कराग्रे वसते लक्ष्मी मंत्र

कराग्रे वसते लक्ष्मी, करमध्ये सरस्वती, करमूले स्थितो ब्रह्मा प्रभाते करदर्शनम्'

इस मंत्र का जाप करते समय अपनी हथेलियों को देखना चाहिए। मान्यता है कि इससे धन, ज्ञान और सृजन की ऊर्जा एक साथ सक्रिय होती है। यह एक छोटी-सी लेकिन प्रभावशाली आदत है, जो आपके पूरे दिन को सकारात्मक दिशा दे सकती है।

नवग्रह शांति मंत्र

ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च।

गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु॥

इस मंत्र का जाप ब्रह्म मुहूर्त में विशेष फलदायी माना जाता है। शांत मन से आंखें बंद करके जब आप इस मंत्र का उच्चारण करते हैं, तो यह आपके आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को कम करने में मदद करता है। अंत में जल लेकर मनोकामना मांगना इस प्रक्रिया को और प्रभावी बनाता है।

गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः स्वः

तत्सवितुर्वरेण्यं

भर्गो देवस्यः धीमहि

धियो यो नः प्रचोदयात् ॥


गायत्री मंत्र को सबसे शक्तिशाली वैदिक मंत्रों में गिना जाता है। नियमित जाप से मानसिक स्पष्टता बढ़ती है और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता मजबूत होती है। खासकर बच्चों और विद्यार्थियों के लिए यह मंत्र बेहद लाभकारी माना जाता है।

महामृत्युंजय मंत्र

“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् |

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||”

भगवान शिव को समर्पित यह मंत्र जीवन में सुरक्षा और शांति का भाव लाता है। अगर आप चिंता, डर या तनाव से जूझ रहे हैं, तो इस मंत्र का नियमित जाप आपको अंदर से मजबूत बनाता है और आत्मविश्वास बढ़ाता है।