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Shani Nakshatra Parivartan: 2 जुलाई से शनि का नक्षत्र परिवर्तन, 9 राशियों के लिए धन लाभ का योग, जानें आपकी राशि पर असर

Shani Transit 2026: 2 जुलाई 2026 को शनि रेवती नक्षत्र के दूसरे चरण में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस परिवर्तन से 9 राशियों के लिए आर्थिक लाभ, करियर में प्रगति और नए अवसर बन सकते हैं, जबकि 3 राशियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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भारत

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Manoj Vashisth

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ज्योतिषाचार्य प्रमोद शर्मा

Jun 30, 2026

Shani Transit July 2026, Shani Nakshatra Parivartan

Shani Nakshatra Parivartan: शनि नक्षत्र परिवर्तन से किन राशियों को लाभ (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Shani Gochar 2026 Rashifal: 2 जुलाई 2026 को शनि देव रेवती नक्षत्र के दूसरे चरण में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित प्रमोद शर्मा के अनुसार यह नक्षत्र परिवर्तन (Shani Nakshatra Parivartan) 19 अगस्त तक प्रभावी रहेगा और इस दौरान 9 राशियों के लिए धन लाभ, करियर में सफलता तथा आर्थिक प्रगति के मजबूत योग बनेंगे, जबकि 3 राशियों को निवेश और पारिवारिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी। चूंकि रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध हैं और शनि-बुध के बीच गहरी मित्रता है, इसलिए मित्र के घर में शनि का यह गोचर (Shani Gochar 2026) देश-दुनिया सहित सभी राशियों पर गहरा असर डालेगा।

शनि नक्षत्र परिवर्तन से इन 9 राशियों को मिल सकता है लाभ

पंडित प्रमोद शर्मा के अनुसार, वृषभ, मिथुन, सिंह, कन्या, तुला, धनु, मकर, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा।

धन और समृद्धि: इन राशियों को अप्रत्याशित वित्तीय लाभ (अचानक धन लाभ) होने के योग हैं। अटका हुआ पैसा वापस मिलेगा और आय के नए स्रोत बनेंगे।

करियर में उछाल: नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन और वेतन वृद्धि की खुशखबरी मिल सकती है। नई नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को मनचाहा अवसर मिलेगा।

मान-सम्मान: समाज में मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी और कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।

इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान

शनि का यह (Shani Nakshatra Parivartan) गोचर मेष, वृश्चिक और कर्क राशि के जातकों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है।

आर्थिक नुकसान: इन राशियों के लोगों को निवेश के मामलों में बहुत फूंक-फूंक कर कदम रखना होगा। जल्दबाजी में लिया गया कोई भी फैसला भारी पड़ सकता है।

दुर्घटना का डर: वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें।

पारिवारिक कलह: इस अवधि में परिवार के सदस्यों के साथ वैचारिक मतभेद या तनाव की स्थिति बन सकती है।

क्यों खास है यह गोचर?

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, वर्तमान में शनि देव अपनी स्वराशि कुंभ में गोचर कर रहे हैं। कुंभ राशि में रहते हुए नक्षत्र परिवर्तन करना बेहद प्रभावशाली माना जाता है। इस समय मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण, कुंभ पर दूसरा और मकर राशि पर अंतिम चरण चल रहा है। वहीं कर्क और वृश्चिक राशि के जातक शनि की ढैय्या से प्रभावित हैं। रेवती नक्षत्र में शनि का आना विशेष रूप से व्यापार और संचार क्षेत्र में बड़े बदलाव लाएगा, क्योंकि बुध को व्यापार का कारक माना जाता है।

शनि के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय

यदि आपकी राशि पर शनि का नकारात्मक प्रभाव है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। पंडितजी के अनुसार इन उपायों से शनि देव शांत होते हैं:

शनिवार का दीपक: हर शनिवार को शनि मंदिर में या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जरूर जलाएं।

दान का महत्व: शनिवार के दिन काली उड़द, काले तिल, सरसों का तेल, छाता, जूते या काले कपड़ों का दान करें।

हनुमान चालीसा का पाठ: प्रतिदिन या विशेषकर शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि का दोष समाप्त होता है।

शिव आराधना: भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करें। शिव भक्तों को शनि देव कभी परेशान नहीं करते।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।

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