
Akhilesh
लखनऊ. यूपी में भाजपा की सरकार में पिछले कुछ दिनों से रेप व हत्या के मामले में इजाफा हुआ है। अलीगढ़, हमीरपुर, जालौन में बच्चियों के साथ हुई खौफनाक वारदातों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। वहीं बीते दिनों यूपी के सपा के 8 कार्यकर्ताओं की हत्या ने भी यूपी की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को बयान जारी कर इसपर अपना विरोध प्रकट किया है और भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने भाजपा पर राजनीतिक विद्वेष के कारण पार्टी विशेष को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा है कि यूपी में कानून व्यवस्था की स्थिति दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। राजनीतिक विद्वेषवश एक पार्टी विशेष पर भाजपा का कहर खासतौर पर टूट रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे बुरे हालात प्रदेश में कभी नहीं देखे गए। यूपी में अब अराजकता की स्थिति है।
इन 8 कार्यकर्ताओं की हुई हत्या-
अखिलेश यादव ने कहा कि 30 मई से 5 जून तक सपा के 8 प्रमुख कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है, जिसमें समाज विशेष को गिनें तो दो दर्जन लोगों से ज्यादा की हत्याएं हो चुकी हैं। सपा अध्यक्ष ने उन 8 सपा कार्यकर्ताओं की हत्या के मामले भी गिनाएं-
- 16 मई 2019 को टांडा (अंबेडकर नगर) में अयाज अहमद उर्फ गूल्लू की हत्या की गई।
- 24 मई को रात 9.15 बजे गाजीपुर के थाना करण्डा के अन्तर्गत ग्राम सलारपुर के निवासी विजय यादव सदस्य जिला पंचायत की हत्या की गई।
- 30 मई को आजमगढ़ के थाना मेहनाजपुर के ग्राम रोवांपार में एक 27 वर्षीय नौजवान की गोली मारकर हत्या की गई।
- 31 मई को जनपद गौतमबुद्धनगर के थाना दादरी के अन्तर्गत ग्राम गढ़ी निवासी रामटेक कटारिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- 31 मई को ही जनपद जौनपुर के थाना सरायख्वाजा के अन्तर्गत ग्राम उड़ली निवासी लालजी यादव की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई।
- मिर्जापुर के थाना चील्ह के अन्तर्गत पुजागिर बाजार में संतोष यादव की सरेआम निर्मम हत्या कर दी गई।
- 5 जून को लखीमपुर के थाना मोहम्मदी क्षेत्र के ग्राम मोहद्दीनपुर निवासी वेदपाल यादव (22) की हत्या की गई।
- 7 जून को हापुड़ के अन्तर्गत कोतवाली हापुड़ के ग्राम ददारा निवासी सचिन चैधरी की हत्या कर दी गई। ये सभी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता थे।
जाति विशेष को बनाया जा रहा निशाना-
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कोई जनपद ऐसा नहीं बचा है जहां पर चुन-चुनकर एक जाति विशेष को निशाना न बनाया गया हो। ऐसे लगभग दो दर्जन से ज्यादा ही परिवार होंगे। यह बात तो ढकी-छुपी नहीं है कि भाजपा आरएसएस की राजनीति की नींव नफरत और छलकपट पर आधारित है। समाज को तोड़ने और भाई-भाई में बंटवारा कराने में इन्हें महारत हासिल है। नफरत का ज़हर फैलाकर सत्ता का अपहरण करना उन्हें आता है। सपा सरकार ने जो किया उस पर लीपापोती कर अपना नाम दर्ज कराना ही भाजपा को आता है, लेकिन जनता जान गई है कि संविधान की शपथ लेने वाली भाजपा सरकार संविधान के विपरीत ही आचरण करती है। भाजपा का लोकतंत्रीय व्यवस्थाओं में कतई विश्वास नहीं है।
Published on:
11 Jun 2019, 9:54 PM IST
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