
हनुमानगढ़ी में नमाज के आयोजन और निर्माण को लेकर उठे सवालों पर अखिल भारतीय संत समिति ने रखे ऐतिहासिक तथ्य (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
Hanuman Garhi Latest Political News:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी परिसर में वर्ष 2003 में नमाज के आयोजन का उल्लेख किए जाने के बाद शुरू हुआ राजनीतिक और धार्मिक विवाद अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। मुख्यमंत्री के बयान पर पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा सवाल उठाए जाने के बाद अखिल भारतीय संत समिति खुलकर मुख्यमंत्री के समर्थन में सामने आ गई है। समिति के महासचिव स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने वीडियो बयान जारी कर न केवल मुख्यमंत्री के दावे को सही बताया, बल्कि उससे जुड़े ऐतिहासिक और न्यायिक तथ्यों को भी सार्वजनिक किया।
स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो बात कही है, वह किसी राजनीतिक आरोप का हिस्सा नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और दस्तावेजी तथ्यों पर आधारित है। उन्होंने बताया कि 20 नवंबर 2003 को अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी के 52 बीघा परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें नमाज अदा किए जाने का मामला सामने आया था। इस घटना का संत समाज के एक बड़े वर्ग ने उस समय भी विरोध किया था और इसे लेकर न्यायालय में याचिका भी दायर की गई थी। उनका कहना था कि इस पूरे घटनाक्रम का रिकॉर्ड आज भी उपलब्ध है और इसे आसानी से देखा जा सकता है।
महासचिव स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री के बयान पर आपत्ति जताने वाले पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की प्रतिक्रियाओं पर भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को किसी भी विषय पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। उनके अनुसार, जिन लोगों ने मुख्यमंत्री के बयान को गलत बताया है, वे स्वयं उपलब्ध ऐतिहासिक और न्यायिक अभिलेखों की जांच कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संत समाज का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का समर्थन या विरोध नहीं, बल्कि सत्य और सनातन परंपरा के पक्ष में खड़ा होना है।
स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने हनुमानगढ़ी के इतिहास को लेकर भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने उस दावे का स्पष्ट खंडन किया, जिसमें कहा जाता है कि हनुमानगढ़ी का निर्माण किसी नवाब, विशेषकर नवाब सिराजुद्दौला, द्वारा कराया गया था। उन्होंने कहा कि यह दावा न तो ऐतिहासिक तथ्यों से मेल खाता है और न ही धार्मिक ग्रंथों से।
उन्होंने कहा कि स्कंद पुराण में जिस पवित्र स्थान का उल्लेख मिलता है, वह सदियों पुराना है। ऐसे में यह कहना कि किसी बाद के काल में किसी नवाब ने उस स्थान का निर्माण कराया, इतिहास और धार्मिक परंपरा दोनों के साथ न्याय नहीं करता। उनके अनुसार, उपलब्ध ऐतिहासिक प्रमाणों से यह स्पष्ट होता है कि महाराजा विक्रमादित्य ने अयोध्या के अनेक प्राचीन धार्मिक स्थलों के पुनरुद्धार और निर्माण का कार्य कराया था, जिनमें हनुमानगढ़ी का भी उल्लेख मिलता है।
स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने कहा कि अयोध्या केवल एक शहर नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में उसके इतिहास और धार्मिक स्थलों से जुड़े विषयों पर बिना प्रमाण के बयान देना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास कोई अलग ऐतिहासिक तथ्य है तो उसे प्रमाण सहित सामने रखा जाना चाहिए, लेकिन केवल अनुमान या राजनीतिक दृष्टिकोण के आधार पर इतिहास को बदलने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने संत समाज से भी अपील की कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर एक-दूसरे के विरुद्ध सार्वजनिक बयान देने के बजाय तथ्यों के आधार पर संवाद किया जाए, ताकि समाज में भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद यह मुद्दा राजनीतिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर जहां मुख्यमंत्री के समर्थक इसे ऐतिहासिक सच्चाई बता रहे हैं, वहीं विरोध करने वाले इसे तथ्यहीन करार दे रहे हैं। अब अखिल भारतीय संत समिति के महासचिव द्वारा दस्तावेजी और ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के पक्ष में खुलकर सामने आने से इस विवाद ने नई दिशा ले ली है।
फिलहाल हनुमानगढ़ी से जुड़े इतिहास, वर्ष 2003 की घटना और उससे संबंधित न्यायिक दस्तावेजों को लेकर बहस जारी है। आने वाले दिनों में इस विषय पर और भी ऐतिहासिक दस्तावेज तथा तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि अयोध्या और हनुमानगढ़ी से जुड़ा यह विवाद केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इतिहास, आस्था और प्रमाणों के आधार पर भी इसकी व्यापक चर्चा जारी रहेगी।
Updated on:
19 Jul 2026 01:55 pm
Published on:
19 Jul 2026 01:55 pm
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