ओवैसी का पूर्वांचल दाैराः आजममगढ़ में दूसरी बार आएंगे असदुदीन ओवैसी, पंचायत चुनाव पर होगा बड़ा फैसला

  • सपा सरकार में तमाम कोशिशों के बाद भी आजमगढ़ नहीं आ सके के एआईएमआईएम मुखिया
  • ओवैसी की पूर्वाचल में सक्रियता से बढ़ेगी विपक्ष की मुश्किल, मुस्लिम वोट बैंक में सेंध का खतरा

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आजमगढ़. पूर्वांचल की सियासत एक बार फिर गरम होती नजर आ रही है। कारण कि चार साल के लंबे इंतजार के बाद एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्ददीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) को आजमगढ़ आने की अनुमति मिली है। यह उनकी दूसरी आजमगढ़ यात्रा है। यह यात्रा इसलिए भी खास हो जाती है कि योगी सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री सुभासपा मुखिया भी इस दौरान ओवैसी के साथ होंगे और पंचायत चुनाव (Panchayat Election) को लेकर बड़ी घोषणा करने की पूरी संभावना है। यही वजह है कि ओवैसी की इस यात्रा का अलग ही सियासी मायने निकाला जा रहा है। वैसे प्रदेश अध्यक्ष का दावा है कि ओवैसी इस दौरान किसी कार्यक्रम में भाग नहीं लेंगे।

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बता दें कि ओवैसी चार साल पहले आजमगढ़ आए थे लेकिन वह सियासी दौरा नहीं था। उस बार वे सीधे माहुल स्थित अपने प्रदेश अध्यक्ष शौकत माहुली के घर आये और वहीं से वापस लौट गए। अखिलेश सरकार में वर्ष 2016-17 में आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के खोदादादपुर हुए सांप्रदायिक दंगे के बाद औवैसी ने आजमगढ़ आने की कोशिश की थी लेकिन उस सयम कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें आजमगढ़ आने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद भी आवैसी ने विभिन्न कार्यक्रमों के लिए कई बार अनुमति लेनी चाही, लेकिन अनुमति नहीं मिली। एक बार तो उन्हें आजमगढ़-अंबेडकरनगर बार्डर से वापस लौटना पड़ा था। उस समय औवैसी ने कहा था कि आजमगढ़ किसी के बाप की जागीर नहीं है वे यहां आकर रहेंगे।

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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में यूपी में सत्ता परिवर्तन हुआ और बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी। इस दौरान ओवैसी का कोई कार्यक्रम आजमगढ़ में नहीं लगा। अब बिहार चुनाव में जीत के बाद ओवैसी यूपी विधानसभा और पंचायत चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुके हैं। पार्टी जिले की सभी जिला पंचायत सदस्य सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी है।

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चुनाव लड़ने की घोषण के बाद आज आजमगढ़ ओवैसी की पहली यात्रा है। खास बात है कि इस बार उनके साथ सुभासपा मुखिया ओम प्रकाश राजभर के भी आने की संभावना है। सुभासपा पहले ही भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर से समझौता कर चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि ओवैसी और सुभासपा भी एक मंच पर आ सकती है। यानि कि तीनों दल मिलकर पूर्वांचल में पंचायत चुनाव में ताल ठोक सकते हैं। इससे जिले की राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गयी है। कारण कि अगर ये तीनों दल मिलते हैं तो सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि दलित और पिछड़ों में बड़ी सेंध लगा सकते है जिससे सत्ता के साथ ही विपक्ष की भी मुश्किल बढ़नी तय है।

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प्रदेश अध्यक्ष शौकत माहुली ने बताया कि ओवैसी पूर्वांह्न नौ बजे बाबतपुर एअरपोर्ट पहुंचेगे। वहां से कार द्वारा जौनपुर होते हुए आजमगढ़ आएंगे। इस दौरान वे कुछ मिनट के लिए जौनपुर में रूकेंगे जहां कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे। इसके बाद वे सीधे आजमगढ़ जिले के माहुल स्थित उनके आवास पर पहुंचेंगे। यहां भोजन व नमाज के बाद वे बैतुलउलूम मदरसा खरेवां सरायमीर में नाजिम से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वे सीधे बाबतपुर एअरपोर्ट के लिए निकल जाएंगे।

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जिले में ओवैसी का भले ही कोई सार्वजनिक कार्यक्रम न हो लेकिन एआईएमआईएम के कार्यकर्ता उत्साह में दिख रहे है। वहीं उनके आगमन का सियासी मायने भी निकाला जा रहा है। सूत्रों की मानें प्रदेश अध्यक्ष के आवास पर ही वे जिले के पदाधिकारियों के साथ पंचायत चुनाव को लेकर मंत्रणा करेंगे और आगे की रणनीति क्या होगी इस संबंध में निर्देश भी जारी करेंगे।

BY Ran vijay singh

रफतउद्दीन फरीद
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