
आजमगढ़ में विश्वविद्यालय की मांग
आज़मगढ़. चुनाव देख अब सांसद नीलम सोनकर को भी जनता की समस्याएं समझ में आने लगी है। लंबे समय से जहां सरकार और स्थानीय नेता जनता के विश्वविद्यालय की मांग को नजरअंदाज कर रहे थे वहीं चुनाव देख सभी गंभीर देख रहे है। आंदोलन से जुड़े लोग जब सोमवार को सांसद नीलम सोनकर से मिलने पहुंचे तो उन्होंने आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से करेंगी।
सांसद नीलम सोनकर ने कहा कि छात्र छात्राओं के सर्वांगीड़ विकास के लिये राज्य आवासीय विश्वविद्यालय बनना बहुत जरूरी है। जनपद की इस अति महत्वपूर्ण मांग को पूरी कराने के लिये मैं अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करूँगी। शीघ्र ही मुख्यमंत्री और उच्च शिक्षा मंत्री से मिलकर जनपद को विश्वविद्यालय की सौगात दिलाने की अपील करूँगी।
शिक्षाविद डा. मातबर मिश्र ने कहा कि पिछले 71 सालों में पहली बार जनपद के किसी जनप्रतिनिधि ने आज़मगढ़ में विश्वविद्यालय के मुद्दे पर इतनी गंभीरता और रुचि दिखाई है। पूर्व प्राचार्य डा. वेद प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि आज़मगढ़ का बच्चा बच्चा अब विश्वविद्यालय के लिये जाग चुका है और जनपदवासी विश्वविद्यालय बनवा कर दम लेंगे। चाहे इसके लिये जितनी भी कठिन लड़ाई लड़नी पड़े।
प्रख्यात कवि डा. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि पिछले चालीस साल से जनपदवासी एक विश्वविद्यालय के लिये तरस रहें हैं। अब समय आ गया है कि सरकार इस मांग को पूरा कर दें। शिक्षक संघ के अध्यक्ष डा. प्रवेश कुमार सिंह ने कहा कि सांसद ने जिस गंभीरता और ईमानदारी से वार्ता की है उससे इस मांग को बल मिला है। प्रतिनिधिमंडल में डा. राजेंद्र प्रसाद कौशल, शिव बोधन उपाध्याय, अवनीश अस्थाना, डा. सुभाष सिंह अदि शामिल थे।
By Ran Vijay Singh
Published on:
3 Sep 2018, 8:54 PM IST
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