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सावधान! शहर में नकली एसओजी सिपाही बनकर दे रहे लूट की घटनाओं को अंजाम

शिक्षक और विद्युतकर्मी हुए घटना के शिकार, आए दिन शहर क्षेत्र में हो रही घटनाओं से पुलिस अनजान

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Fake SOG constable

सावधान! शहर में नकली एसओजी सिपाही बनकर दे रहे लूट की घटनाओं को अंजाम

आजमगढ़. नगर क्षेत्र में आए दिन एसओजी के सिपाही बनकर घूम रहे बाइक सवार युवक निरीह जनता को तलाशी के नाम पर लूट रहे हैं और पुलिस इन घटनाओं से अनजान बनी हुई है। एक सप्ताह के भीतर शिक्षक और विद्युतकर्मी दोनों फर्जी एसओजी टीम द्वारा लूट के शिकार हो गए। पीड़ित विद्युतकर्मी ने वसूली करने वाले युवक को पहचाना और इसकी शिकायत सिधारी थाने में दर्ज कराई गई। रोचक बात यह कि पुलिस इस बात से इन्कार कर रही है।

विद्युत प्रेषण खंड हाफिजपुर परिसर निवासी व विद्युत विभाग में कैशियर पद पर तैनात देवनाथ यादव गत मंगलवार की शाम सिधारी स्थित आफिस से बाइक द्वारा अपने आवास के लिए रवाना हुए। देर शाम करीब 7.30 बजे सिधारी क्षेत्र के तिवारीपुर स्थित एक निजी अस्पताल के सामने पीछे से आए बाइक सवार युवक ने उन्हें रोका और खुद को एसओजी का जवान बताया। युवक ने कहा कि हमारी टीम पीछे खड़ी है और तुम पर नजर रखने के लिए हमसे कहा गया है। हीरोइन के कारोबार में लिप्त हो ऐसा तुम पर आरोप है। इसके बाद उक्त युवक ने देवनाथ की तलाशी लेते हुए जेब में मौजूद 32 हजार रुपये निकाल लिए। रुपये कब्जे में लेने के बाद वह युवक अपनी बाइक सिधारी कस्बे की ओर मोड़ा और पीड़ित से भी पीछे आने को कहा। इस घटना से आवाक देवनाथ जब तक बाइक मोड़ते वह युवक आंखों से ओझल हो गया।

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पीड़ित ने यह बात अपने सहकर्मियों को बताई। देवनाथ द्वारा तलाशी की घटना नजदीक स्थित अस्पताल के सीसी कैमरे में भी कैद तो हुई लेकिन धुंधली तस्वीर होने के नाते आरोपी युवक पहचान में नहीं आया। उधर पीड़ित धन वसूलने वाले की तलाश में जुटा रहा और आखिर उसे ढूंढ निकाला। पीड़ित द्वारा इसकी शिकायत सिधारी थाने में मोजरापुर निवासी युवक के बारे में की गई। बताते हैं कि पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में भी लिया और पीड़ित को 19 हजार भी वापस दिलाए गए। रोचक बात यह कि इस घटना से सिधारी पुलिस अब इंकार कर रही है।

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इस घटना से चार दिन पूर्व जीयनपुर क्षेत्र में स्थित प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक व खालिसपुर निवासी मुनव्वर अहमद सिधारी क्षेत्र के बेलइसा निवासी रिश्तेदार से मिलकर बाइक द्वारा अपने घर लौट रहे थे। रोडवेज क्षेत्र में शाही पुल के समीप पीछे से आए बाइक सवार दो युवकों ने उन्हें रोका और खुद को एसओजी का सिपाही बताया। उन्हें युवकों ने आरोप लगाया कि हरबंशपुर तिराहे पर आपको रुकने का इशारा किया गया तो आप क्यों नहीं रुके और उनकी तलाशी लेना शुरू कर दिया। इस दौरान दोनों युवक शिक्षक की जेब में मौजूद 10 हजार लेकर वापस पुनरू हरबंशपुर की ओर निकल गए। पीड़ित शिक्षक यह सोचकर शांत रह गया कि बिना वजह पुलिस के पचड़े में पड़ने से भी कोई लाभ मिलने वाला नहीं और वह बुझे मन से घर लौट गया। शहर में आए दिन इस तरह की घटनाओं से निरीह जनता लूटी जा रही है और पुलिस इससे बेखबर है।

by Ran Vijay Singh