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निर्भया की मां ने कहा बुरे वक्त में राहुल गांधी ने दिया साथ, बेटा बना पायलट

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने बेटे की पढ़ाई के खर्च तक का किया इंतजाम। लगातार करते रहे मोटिवेट।
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बलिया

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Ajay Chaturvedi

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Updated: 3 Nov 2017, 12:48 PM IST

निर्भया की मां आशा देवी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी

निर्भया की मां आशा देवी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी

वाराणसी/ बलिया. पांच साल पहले दिल्ली में हुई हृदय विदारक घटना जिसने पूरे देश को हिला दिया था तब केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी। यही नहीं दिल्ली में भी शीला दीक्षित वाली कांग्रेस सरकार ही थी। तब समूचे विपक्ष ने उस बेटी के समर्थन में मोर्चा खोला था जिसके साथ कुछ अराजक तत्वों ने अमानवीय घटना को अंजाम दिया था। पूरे देश में उस निर्भया कांड की निंदा व आलोचना हुई। देश भर में हुए धरना प्रदर्शन ने बाद केंद्र सरकार को दुराचार के मामले में नया कानून बनाने को बाध्य कर दिया था। लेकिन यह किसे पता कि बलिया की उस बेटी के निधन के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष ने उसके भाई को एक तरह से गोद लिया। उसकी शिक्षा-दिक्षा का बीड़ा उठाया। उसी का परिणाम है कि वह बेटा अब पायलट बन गया है। इसके लिए निर्भया की मां आशा देवी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बधाई देती हैं।

दिल्ली में दिसंबर 2012 की उस दर्दनाक और मानवता को हिला कर रख देने वाली घटना की यादें आज भी दिल कों दहलला देती हैं। वह घटना जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था। संयुक्त राष्ट्र संघ तक में जो मसला उठा। लेकिन यह कम लोगों को पता है कि उस घटना की पीड़ित बच्ची की मां राहुल गांधी के प्रति अपनी कृतज्ञता ज्ञापित करती हैं। उन्होंने एक मीडिया हाउस को दिए बयान में कहा है कि, निर्भया की मौत के बाद हमारा पूरा परिवार टूट गया था। हालांकि उस बुरे वक्त में बहुतों ने हमारा साथ दिया लेकिन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सबसे अलग हट कर मदद की। उन्हीं की बदौलत मेरा बेटा आज पायलट है। वह कहती हैं कि राहुल गांधी ने मेरे बेटे के कॉलेज की पूरी पढ़ाई का खर्च स्पांसर कराया। इतना ही नहीं वह वक्त-वक्त पर फोन कर उसे प्रेरित करते रहे।

उन्होंने कहा कि जब हम सभी घोर संकट में थे, कुछ भी सूझ नहीं रहा था, ऐसा लगता था कि अब जीवन में कुछ बचा ही नहीं है बावजूद इसके बेटे ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। वह थोड़ा भी विचलित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि तब वह 12वीं कक्षा का छात्र था। इसकी जानकारी जब कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लगी कि वह सेना में जाना चाहता है तो उऩ्होंने बेटे को मशविरा दिया कि व इंटरमीडिएट की पढाई खत्म करने के बाद पायलट की ट्रेनिंग ले। निर्भया की मां ने बताया कि 2013 में सीबीएसई से 12 वीं की परीक्षा देने के बाद बेटे ने रायबरेली की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान एजेंसी में दाखिला लिया। वहां उसके रहने, खाने और पढ़ाई का पूरा खर्चा राहुल गांधी ने उठाया। हालांकि इस 18 महीने की ट्रेनिंग के दौरान भी वह अपनी बहन के केस के सारे अपडेट लेता रहा। निर्भया की मां ने बताया कि बेटे ने रायबरेली की एजेंसी में ट्रेनिंग पूरी कर ली है। अब वह गुरुग्राम में ट्रेनिंग ले रहा है। जल्द ही वह हवाई जहाज उड़ाएगा। उन्होंने कहा कि राहुल के अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी कई बार फोन कर परिवार का हाल-चाल लिया था।