
Assault on councillor शुक्रवार की सुबह प्रशासन ने नगर में निर्माणाधीन व्यवसायिक परिसर की सभी दुकानों को ढहा दिया। इस कार्रवाई से दुकानदारों के घर की महिलाएं आक्रोशित हो गई। वे मामले में पार्षद के घर भी पहुंची और वार्ड- 4 की महिला पार्षद कुंती सिन्हा को घर से घसीटते हुए बीच सड़क तक लाई। उनके साथ मारपीट की और सड़क पर धक्का देकर गिरा दिया। वे तोड़फोड़ के लिए पार्षद को जिम्मेदार मान रही हैं। वार्ड-4 की पार्षद ने व्यवसायिक परिसर निर्माण के दौरान हाईकोर्ट जाकर आदेश लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इस महिला पार्षद को घसीटने और धक्का देने का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि धक्का देने के पहले एक ट्रक गुजर रहा है, जिससे गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। इधर महिला पार्षद ने मारपीट करने वाली महिलाओं के खिलाफ गुरुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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पार्षद कुंती सिन्हा की शिकायत पर चार लोगों के खिलाफ धारा- 333, 296, 115(2), 351 (2), 506, 3, 5 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। जांच शुरू कर दी गई है।
गुरुर थाना प्रभारी दिनेश कुर्रे ने कहा मामले में मैं अभी कुछ नहीं बता सकता। पोर्टल में देख लो।
वार्ड-4 की पार्षद कुंती सिन्हा ने कहा कि इस प्रकरण में गुरुर थाने में शिकायत कर दी हूं। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
व्यवसायिक परिसर विवाद मामले में एक व्यापारी भूषणपुरी गोस्वामी को कोर्ट को स्थगन मिला है। इसके कारण प्रशासन ने उसकी दुकान को नहीं तोड़ा। माना जा रहा है कि भूषणपुरी की कथित दुकान के आगे पीछे की दुकान को, इसलिए नहीं तोड़ा गया है, क्योंकि उन्हें तोडऩे से भूषणपुरी की दुकान भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका थी। मामले में महत्वपूर्ण विषय यह है कि व्यापारियों को स्वयं यह नहीं पता कि कौन सी दुकान किसको मिलने वाली है। भूषण पुरी गोस्वामी ने बताया कि व्यवसायिक परिसर का निर्माण चल रहा था, इसमें कौन सी दुकान मुझे मिलेगी। यह मैं स्वयं नहीं जानता। ऐसे में प्रशासन यह कैसे तय कर लिया कि कौन सी दुकान मेरे नाम से आवंटित है।
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गुरुर. व्यवसायिक परिसर की दुकान में तोड़फोड़ नगर के इतिहास में पहली बार बड़ी कार्रवाई है। इसके लिए प्रशासन पूर्व रात्रि में तैयारी करता रहा। नगरवासी रात में सो रहे थे और प्रशासन कार्रवाई की तैयारी कर रहा था। प्रभावित व्यापारी भी इसी आशंका से रातभर नहीं सोए कि कही आधी रात्रि में कार्रवाई न हो जाए।
स्थल पर गुरुर एसडीएम के साथ गुंडरदेही एसडीएम व पुलिस विभाग के आला अधिकारी तैनात थे। बिगड़ते महौल को प्रशासन ने संभालने की पूरी तैयारी की थी, लेकिन प्रशासन व्यापारियों एवं उनके परिजनों के आक्रोश की सीमा का आंकलन करने में चूक गया। यही कारण रहा कि आक्रोशित परिवार की महिलाएं पार्षद कुंती सिन्हा, चिंता साहू के घर तक पहुंच गई। महिलाएं भाजपा कार्यालय तक चली गई। तब तक पुलिस प्रशासन अनजान रहा। यह सब इतना अप्रत्याशित हुआ कि प्रशासन प्रभावित के आक्रोश को शांत करने में नाकाम रहा।
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भाजपा कार्यालय पहुंची दर्जनों महिलाओ ने हल्ला बोला। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने वहां सुरक्षा बल तैनात कर दिया।
Updated on:
13 Jul 2024 07:20 pm
Published on:
13 Jul 2024 07:18 pm
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