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Diwali Bonus पर मचा बवाल! खदान कर्मियों ने कहा – दिल्ली में मनमानी चल रही है… बना सस्पेंस!

Diwali Bonus 2024: सेल कर्मचारियों के बोनस का विवाद गहराता जा रहा है। 1 अक्टूबर 2024 को दिल्ली में बोनस के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सभी यूनियन को बुलाया गया था।
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बालोद

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Khyati Parihar

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Updated: 7 Oct 2024, 1:23 PM IST

diwali Bonus

Diwali Bonus: बीते दिवस दिल्ली में हुई एनजेसीएस बैठक में बोनस के मुद्दे पर प्रबंधन के नकारात्मक रवैए के खिलाफ पूरे सेल में 5 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में हिस्सेदारी करते हुए खदान कर्मियों ने भी संयुक्त यूनियन मोर्चा के नेतृत्व में राजहरा माइंस ऑफिस के सामने जमकर प्रदर्शन किया और चेतावनी दी कि यदि बोनस के फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो खदानों में जल्द ही हड़ताल होगी।

40,550 तो चाहिए ही

बता दें कि प्रबंधन ने यूनियनों को विवादित व अस्वीकार्य फॉर्मूले के अनुसार 26500 रुपए बोनस देने की घोषणा की, जिसे नकारते हुए सभी यूनियनों ने एक स्वर में कहा कि सेल में कर्मियों के योगदान और उत्पादन व उत्पादकता को ध्यान में रखते हुए 2022 में दिए गए 40500 से कम बोनस पर (Diwali Bonus) बात नहीं बनेगी। लेकिन प्रबंधन ने अपनी मनमानी करते हुए सेल कर्मियों के खाते में 26500 रुपए की राशि डाल दी।

यह भी पढ़े: Diwali Bonus 2024: बड़ी खुशखबरी! इन कर्मचारियों को मिल सकता है लाखों का बोनस, बैठक में होगा निर्णय

Diwali Bonus: सेल के खिलाफ निर्णायक संघर्ष जरूरी हो गया

5 अक्टूबर को हुए प्रदर्शन में एटक के सचिव कमलजीत सिंह मान ने कहा कि सेल प्रबंधन नियमित एवं ठेका कर्मियों के मामले में लगातार मनमानी कर रही है। इसके खिलाफ निर्णायक संघर्ष जरूरी हो गया है। खदान कर्मी सेल स्तर के आंदोलन के साथ स्थानीय स्तर पर भी ठेका एवं रेगुलर कर्मचारियों की मांगों को लेकर लगातार संघर्षरत हैं। आवश्यकता पड़ने पर हम अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए तैयार हैं।

नियमित व ठेका श्रमिकों का कर रहे शोषण

Diwali Bonus: बीएमएस यूनियन के अध्यक्ष मुस्ताक अहमद ने कहा कि दिल्ली से लेकर दल्ली तक प्रबंधन का रवैया एक जैसा है, जिस तरह दिल्ली में मनमानी चल रही है, उस तरह स्थानीय स्तर के अधिकारी भी पूरी तरह भ्रष्टाचार में लिप्त होकर नियमित एवं ठेका श्रमिकों का शोषण कर रहे हैं, जिसे हम किसी कीमत पर भी बर्दाश्त नहीं करेंगे और हम अनिश्चितकालीन हड़ताल में जाने को तैयार हैं। छत्तीसगढ़ माइंस श्रमिक संघ के अध्यक्ष सोमनाथ उइके, एटक अध्यक्ष राजेंद्र बेहरा ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन के बाद प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा गया तथा मुख्य महाप्रबंधक आरबी गहरवार से स्थानीय मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।