
खाद को लेकर किसानों की अफसरों से तकरार ( फोटो सोर्स- पत्रिका)
Sushasan Tihar 2026: बालोद जिले के ग्राम करहीभदर में आयोजित सुशासन तिहार के अंतर्गत जनसमस्या निवारण शिविर में पर्याप्त खाद नहीं मिलने और बिजली कटौती को लेकर किसानों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। किसानों ने कहा कि जब अधिकारी बोलते हैं कि पर्याप्त खाद उपलब्ध है तो वह कहां है। अधिकारी गुमराह कर रहे हैं।
वास्तव में उन्हें खाद की कमी से कोई मतलब नहीं है। विधायक संगीता सिन्हा ने भी अधिकारियों से कहा कि नियम क्या है, वह नहीं जानती हैं, लेकिन संजारी बालोद विधानसभा के किसानों को पर्याप्त खाद मिलनी चाहिए।
करहीभदर में जहां जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन हुआ वहां से ठीक 100 मीटर की दूर पर शराब दुकान है, जहां से शराबी लोग शराब पीकर आते और जनसमस्या निवारण शिविर के मुख्य मंच पर चढ़ने की कोशिश करते रहे। वहीं पुलिस बार-बार शराबी को रोकने का प्रयास करती रही, जिससे थोड़ी अव्यवस्था हुई।
विधायक संगीता सिन्हा के पास खैरवाही की महिलाओं ने शिकायत की थी कि विद्युत विभाग ने दिनभर में 9-10 बार बिजली कटौती की जाती है। विधायक ने कहा कि यह अच्छी बात नहीं है। विद्युत कटौती न किया जाए। विधायक ने कहा कि विद्युत कटौती बंद नहीं हुई और सभी सेवा सहकारी समितियों में पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं कराया और दोबारा शिकायत आई तो ग्रामीणों के साथ धरना दूंगी।
सांकरा के किसान संतोष धनकर, ऐनुराम एवं करहीभदर के किसान पुरानीक साहू, लीलेश्वर साहू, जोहन प्रधान ने कहा कि खाद का वितरण काफी सुस्त है। खरीफ का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन किसान तो सोसाइटियों के चक्कर लगा रहे हैं। कृषि विभाग झूठ बोल रहा है कि पर्याप्त खाद है। जल्द खाद की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
खाद भंडारण को लेकर कृषि उपसंचालक आशीष चंद्राकर ने कहा कि खाद का पर्याप्त भंडारण है। उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन 2026-27 के तहत कुल 68,070 टन खाद भंडारण का लक्ष्य है। अभी तक कुल 38 हजार 646 टन का भंडारण हो चुका है, वहीं किसानों को अब तक 18 हजार 605 टन खाद वितरण हो चुका है वहीं वर्तमान में 20 हजार 41 टन खाद शेष है।
Published on:
21 May 2026 03:35 pm
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