
Patrika Mahila Suraksha:सतीश रजक. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम पापरा में महिला कमांडो से शराबी खौफ खाते हैं। वे अपने गांव को शराब के नशे बचाने प्रतिदिन गश्त कर सीटी बजाती हैं। उन्हें कोई भी शराब पीते दिखता है तो शराबियों से बोतल छीनकर फोड़ देती हैं। इसका परिणाम है कि गांव में शराबखोरी और अपराध पर भी काफी लगाम लगी है।
महिला कमांडो की अध्यक्ष जागेश्वरी देशमुख ने बताया कि गांव में पहले खुलकर शराबखोरी होती थी। चौक-चौराहे पर लोग शराब पीते, और गाली-गलौज करते दिखाई देते थे। शाम के समय महिलाएं नल में पानी भरने तक नहीं जा सकती थीं।
उन्होंने बताया कि शराबियों को हुड़दंग की जानकारी महिलाओं ने ग्राम प्रमुखों को दी। उनसे शराबखोरी और हुड़दंग रोकने गश्त की अनुमति मांगी। ग्राम प्रमुखों और ग्रामीणों ने भी साथ दिया। 2011 में महिला कमांडो का गठन किया गया। अब गांव में खुशहाली है।
उन्होंने बताया कि 2014-15 में पुलिस विभाग ने महिला कमांडो को बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया था। इसके बाद वे पद्मश्री से सम्मानित शमशाद बेगम से मिलीं। उन्होंने महिला कमांडो को प्रशिक्षण दिया। तब से महिला कमांडो सक्रियता से काम कर रही हैं।
गांव की महिला कमांडो में जागेश्वरी देशमुख, दुलारी बाई यादव, देवकी गोस्वामी, गायत्री यादव, शत्रुपा यादव, प्रताशा ठाकुर, सरस्वती देशमुख, किरण ठाकुर, तारा सोनवानी, यामनी देशमुख, रमती देशमुख शामिल हैं।
पद्मश्री शमशाद बेगम ने कहा कि जिले के हर गांव में महिला कमांडो हैं। शांति व्यवस्था बनाने काम कर रही है। महिला कमांडो के गठन के बाद से कई गांवों में अपराधों में बहुत कमी आई है। हमारी कोशिश है कि ग्राम पापरा की तरह हर गांव में शराबखोरी व अपराध पर लगाम लगे।
Updated on:
24 Feb 2025 08:40 am
Published on:
24 Feb 2025 08:39 am
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