25 अक्टूबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Rakshabandhan : इस बार रक्षाबंधन पर नहीं रहेगा भद्रा का साया, दिनभर बांध सकेंगे राखी

शनिवार को श्रावण मास का अंतिम दिन है और रक्षाबंधन पर्व भी है। रक्षाबंधन को लेकर बहनों और भाइयों में उल्लास है। बाजार में खरीदारी के लिए बहनों की भीड़ उमड़ रही है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

बालोद

•

image

Chandra Kishor Deshmukh

•

Updated: 9 Aug 2025, 12:04 AM IST

शनिवार को श्रावण मास का अंतिम दिन है और रक्षाबंधन पर्व भी है। रक्षाबंधन को लेकर बहनों और भाइयों में उल्लास है। बाजार में खरीदारी के लिए बहनों की भीड़ उमड़ रही है।

शनिवार को श्रावण मास का अंतिम दिन है और रक्षाबंधन पर्व भी है। रक्षाबंधन को लेकर बहनों और भाइयों में उल्लास है। बाजार में खरीदारी के लिए बहनों की भीड़ उमड़ रही है। राखियों से लेकर गिफ्ट और नारियल की खरीदारी बढ़ गई है। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है, इसलिए दिनभर बहन अपने भाइयों के कलाई में राखियां बांध सकती है।

सजी मिठाइयों की दुकान

शहर के सदर बाजार व चौक चौराहों में लगी राखी व मिठाइयों की दुकानें बहनों से गुलजार है। अच्छी ग्राहकी से व्यापारियों के चेहरे भी खिले हैं। उधर, भाई के घर पहुंचने की बहनों को जल्दबाजी है। ट्रेनों और रोडवेज में महिलाओं की भीड़ भी देखी गई है। रक्षाबंधन के दिन भी बाजार गुलजार रहने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें :

Snakebite : सोने से पहले बिस्तर पूरी तरह देखें, कहीं सांप तो नहीं है

यह शुभ योगों का दुर्लभ संयोग

पंडित अशोक व्यास ने बताया कि रक्षाबंधन के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, श्रवण नक्षत्र और सौभाग्य योग का अत्यंत दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह तीनों योग मिलकर दिन को अत्यंत शुभ और फलदायी बनाते हैं। यह संयोग सूर्योदय से लेकर दोपहर बाद तक प्रभावी रहेगा, जिससे इस अवधि में की गई खरीदारी, निवेश और शुभ कार्य विशेष रूप से लाभकारी रहेंगे। भद्रा का साया नहीं होने के कारण दिन भर राखी बांध सकती है।

यह भी पढ़ें :

पूर्व सीएम भूपेश के मां के नाम से बने पार्क में बिजली चोरी और कैंटीन संचालन

महिलाओं की बढ़ी बाजारों में सक्रियता

बहनें अपने भाइयों के लिए राखी, मिष्ठान और उपहार सामग्री की खरीदारी कर रही हैं, वहीं भतीजा-भतीजी के लिए नए कपड़े, खिलौने और मिठाइयां भी खरीदे जा रहे हैं। भाई भी बहनों के लिए साड़ी, सूट, ज्वैलरी, इलेक्ट्रॉनिक व घरेलू उपहारों की खरीदने में लगे हैं। त्योहारी सीजन की शुरुआत के साथ ही बाजारों में चहल-पहल लौट आई है। दुकानदारों ने भी आकर्षक सजावट और नई वैरायटी के साथ तैयारियां पूरी कर ली हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामान, परिधान, मिठाइयां, सजावटी वस्तुएं और उपहार की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है।

जेल में सुबह 9 बजे से बहनें राखी बांधने पहुंचेंगी

कोरोना काल के बाद इस रक्षाबंधन बहन जेल में अपने कैदी भाइयों के कलाई में राखी बांधने पहुंचेंगी। जेल प्रशासन ने भी तैयारी पूरी कर ली है। बहन अपने साथ राखी, मिठाई व फल ही ला सकेंगी, थाली जेल प्रशासन उपलब्ध कराएगा।