
रिपा सेंटर बंद, महिलाएं हुई बेरोजगार! 20 किमी पैदल चल कर पहुंचीं कलेक्टर ऑफिस, बाहर किया जोरदार प्रदर्शन(photo-patrika)
CG Female Protest: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में संचालित रिपा सेंटर को बंद कर दिया गया, जिससे महिला समूह की सदस्य नाराज है। पुन: रिपा सेंटर को चालू कराने की मांग को लेकर ग्राम अरमुरकसा और अवारी की 40 से 50 महिलाएं गुरुवार को 20 किमी पैदल चलकर बालोद कलेक्टोरेट पहुंची।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोजगार मिल रहा था, उसे सरकार बंद करवा रही है। कलेक्टर से मिलने की बात पर देर शाम तक परिसर में बैठे रहे। कई महिलाओं को कलेक्टोरेट के बाहर ही रोक दिया गया। महिलाओं ने छह महीनों से बंद पड़े मिलेट्स चिक्की उत्पादन केंद्र को पुन: चालू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
समूह की अध्यक्ष उषा बाई ने बताया कि 6 माह से काम बंद करा दिया है। चिक्की बनाकर महिला समूह की सदस्यों का परिवार भी काम चला रहा था। इसे बंद करने का कारण समझ से परे है। समूह की अध्यक्ष उषा बाई ने बताया कि सुबह लगभग 8 बजे अपने गांव से निकले और पैदल ही 30-40 की संख्या में कलेक्टोरेट पहुंचे। जहां बैठकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
रिपा सेंटर में इन महिलाओं के बनाए गए चिक्की की सप्लाई आंगनबाड़ी केंद्रों में होती थी। महिलाओं ने राज्य सरकार और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े के खिलाफ जमकरनारेबाजी की। उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार के दौरान ग्रामीण आजीविका मिशन (रिपा) के तहत ग्राम अरमुरकसा और अवारी में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क की स्थापना की गई थी।
इस पार्क में मिलेट्स (कोदो-कुटकी) से चिक्की उत्पादन का कार्य शुरू हुआ था। उनकी आय में भी वृद्धि हुई थी। इसे बंद करने से महिलाएं बेरोजगार हो गई हैं। सावित्री बाई ने कई बार जिला प्रशासन और मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े से मिलकर उत्पादन दोबारा शुरू करने की मांग की थी, लेकिन ठोस पहल नहीं हुई। मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
Updated on:
10 Oct 2025 02:36 pm
Published on:
10 Oct 2025 02:36 pm
