
बारनवापारा अभयारण्य 31 अक्टूबर तक बंद (photo source- Patrika)
Barnawapara Sanctuary Closed: वन्यजीवों के संरक्षण और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को सुरक्षित रखने के लिए बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य को 31 अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। हर साल मानसून के दौरान वन्यजीवों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया जाता है, ताकि उनके प्राकृतिक आवास में किसी तरह की बाधा न पहुंचे।
हालांकि इस बार पर्यटकों को निराश होने की जरूरत नहीं है। वन विभाग ने मानसून पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अभयारण्य के बारनवापारा–सिरपुर बफर जोन में कई नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया है, जहां प्रकृति, संस्कृति और ग्रामीण जीवन का अनूठा अनुभव मिलेगा।
बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य मानसून के दौरान वन्यजीवों के लिए बेहद संवेदनशील क्षेत्र बन जाता है। इसी समय अधिकांश वन्यजीवों का प्रजनन काल होता है। पर्यटकों की आवाजाही से वन्यजीवों के व्यवहार और उनके प्राकृतिक आवास पर असर पड़ सकता है। इसी कारण हर वर्ष बारिश के मौसम में अभयारण्य को कुछ महीनों के लिए बंद रखा जाता है, ताकि जंगल का प्राकृतिक संतुलन बना रहे।
इस बार बलौदा बाजार वनमंडल ने अभयारण्य बंद रहने के दौरान पर्यटकों के लिए बफर क्षेत्र में विशेष पर्यटन मॉडल तैयार किया है। बारनवापारा–सिरपुर पर्यटन परिपथ में विकसित किए गए स्थलों पर पर्यटक बारिश के मौसम में हरियाली, जंगल, पहाड़, झरनों और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे।
मानसून के दौरान पूरा क्षेत्र हरे-भरे जंगलों, ऊंची पहाड़ियों, कल-कल बहते झरनों और नदी-नालों से जीवंत हो उठता है। यही वजह है कि यह इलाका प्रकृति प्रेमियों, फोटोग्राफरों और परिवार के साथ घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन जाता है। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता रोमांच के साथ सुकून का भी अनुभव कराती है।
मानसून पर्यटन के दौरान पर्यटक इन प्रमुख स्थलों का आनंद ले सकेंगे-
देवपुर नेचर कैंप
अचानकपुर स्थित देव हिल्स ईको एथनिक स्टे
सिद्धखोल जलप्रपात
तुरतुरिया धाम
धामनी ईको विलेज
धसकुड़ फॉल
सिरपुर
इन स्थानों पर प्राकृतिक सौंदर्य के साथ स्थानीय संस्कृति, परंपरा और ग्रामीण जीवन की झलक भी देखने को मिलेगी।
वन विभाग का मानना है कि अभयारण्य बंद रहने के दौरान बफर जोन में पर्यटन गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। होम-स्टे, गाइड सेवा, स्थानीय हस्तशिल्प, भोजन और अन्य पर्यटन गतिविधियों से ग्रामीणों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
वन विभाग का यह नया मॉडल वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन, दोनों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे जहां जंगल और वन्यजीव सुरक्षित रहेंगे, वहीं पर्यटकों को भी मानसून में प्रकृति के करीब जाने का नया विकल्प मिलेगा। बारिश के मौसम में बारनवापारा का बफर जोन अब छत्तीसगढ़ के प्रमुख मानसून पर्यटन स्थलों में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
Updated on:
09 Jul 2026 01:45 pm
Published on:
09 Jul 2026 01:45 pm
