
आज भी संजोए है रामचरितमानस का रस (Photo source- Patrika)
Ramlila 2025: प्रदेश की सबसे प्राचीन एवं ऐतिहासिक रामलीला सोमवार से वीर अभिमन्यु नाटक के साथ शुरू होगी। प्रतिवर्ष नवरात्रि में होने वाली रामायण का इस बार 106वां वर्ष है। आदर्श रामलीला नाटक मंडली भाटापारा के सदस्यों ने बताया कि रामलीला समिति का गठन ब्रिटिश काल में सन 1920 में किया गया था। इस बार यह मंचन 3 अक्टूबर तक चलेगा। दशहरा उत्सव एवं रावण वध की लीला के साथ रामचरित मानस के आधार पर संपूर्ण रामायण का संक्षिप्त मंचन रावणभाटा मैदान भाटापारा में 2 अक्टूबर को होगा।
रामलीला मंडली का साहित्य अनोखे तरीके से तैयार किया गया है। इसमें गोस्वामी तुलसीदास कृत श्रीरामचरितमानस मुख्य आधार है। इसके अलावा यहां बोले जाने वाले संवादों में राधेश्याम रामायण, आर्य संगीत रामायण, रामचरित्र दर्पण रामायण, वसुनायक रामायण, ज्वालाप्रसाद कृत श्रीरामायण, नाट्य रामायण, हिन्दी रामायण, नथाराम गोंड संगीत रामायण जैसे साहित्य के मंथन और विषेशज्ञ व जानकारों द्वारा अनुवादित हिन्दी के मिश्रण से रामलीला मंचन के लिए साहित्य तैयार किया गया है।
कलाकार आदित्य जोशी, वासु शर्मा, वैभव तिवारी, लव शर्मा, धरमपाल सोनी, श्याम मल, अभि अग्रवाल, लक्ष्य चौरसिया, आदित्य सोनी, हर्ष गुप्ता, काव्यांश शर्मा, मंगल मिश्रा, शौर्य मिश्रा, अग्रांश शर्मा, नमन मल, मुकुल शर्मा, जयमल, गब्बर शर्मा, शुभ केशरवानी, अकर्ष केशरवानी, कार्तिक शर्मा, वीर शर्मा, रौशन शर्मा, कृपांश शर्मा, आरव सोनी, कार्तिकेय पांडे, वेदांश दधीच, मुकेश बांधे, केशव ओझा, मानस केशरवानी, गौरव साहू, गुलशन जायसवाल, तुलसी जायसवाल, अंशुल सिखववाल, विकास ठाकुर, मनोज पिंटू गुप्ता, कोमल शर्मा, जगदीश वैष्णव, आयुष तिवारी हैं।
व्यास प्रमुख रामलीला अध्यक्ष प्रकाश शर्मा, धन्जी भाई जोशी, देवनारायण लाला शर्मा, रामजी जोशी एवं मुख्य प्रबंधन सूर्यकांत बाबू शुक्ला, बजरंग लाल चौरसिया, संदीप मोनू मल, हेमंत मल, राहुल तिवारी, सिद्धांत जाधव, राहुल जोशी, विनय ठाकुर, अमित मिश्रा, साज-सज्जा कार्य मे शिवनारायण गुप्ता, आदित्य गुप्ता एवं अन्य सदस्यों द्वारा रामलीला संचालित किया जाता है।
Ramlila 2025: रामलीला में 7 से 10 साल के बच्चे अभिनय करते हैं। इस बार 10 वर्ष का बच्चा लक्ष्मण का पात्र निभा रहा है। वहीं दूसरी से लेकर 12वीं तक के बच्चे अधिकतर किरदार निभाते हैं। जिसमें राम, लक्ष्मण, सीता, रावण, हनुमान, कुम्भकर्ण जैसे अनेक किरदारों को जीवंत करते हुए शानदार संवाद बोलते हैं। बच्चे इस रामलीला में साहित्यिक संस्कृत, अवधि भाषा जैसे अनेक साहित्यों को सीखते हैं।
पहले जहां रामलीला का मंचन हारमोनियम, ढोलक, मंजीरे के साथ होता था वहीं, अब आधुनिक साउंड एवं कॉलर माईक का उपयोग किया जाता है। लाइट, वाटरप्रूफ पंडाल एवं दर्शकों के बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था की जाती है। साथ ही यू-ट्यूब के माध्यम से लाइव प्रसारण किया जाता है। इससे लोग घर बैठे रामायण देख सकते हैं। मंचन के दौरान अब पारंपरिक कपड़े के पर्दो ं के स्थान पर बैकग्राउंड मे दिखाने के लिए एलईडी लगाई जाती है।
Ramlila 2025: रामलीला में नवमीं तिथि पर अहिरावण वध की लीला पर भव्य देवीलीला होती है। मां निकुम्बला देवी की शानदार झांकी प्रदर्षित की जाती है। जिसमें अहिरावण के द्वारा राम-लक्ष्मण का हरण कर देवी के समक्ष बली चढाने ले जाया जाता है और हनुमानजी द्वारा अहिरावण का वध किया जाता है।
Updated on:
22 Sep 2025, 1:33 PM IST
Published on:
22 Sep 2025, 1:32 PM IST
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