
Sand mafia: बलौदाबाजार जिले की महानदी, शिवनाथ नहीं के रेत घाटों से अवैध रेत उत्खनन के साथ ओव्हरलोडिंग की लगातार शिकायत मिल रही है। इस पर संज्ञान लेते हुए कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को तेज तेवर दिखाते हुए कड़ी कार्यवाही के निर्देश जारी किए हैं। परंतु उन निर्देशों का जिले के किसी भी रेत घाट में पालन होता हुआ नजर नहीं आ रहा है। इसके चलते जिले के रेत घाटों से खुलेआम मशीनों के जरिए रेत उत्खनन किया जा रहा है।
गुरुवार को जारी आदेश में प्रशासन द्वारा कड़ी कार्यवाही के दावे किए गए, बावजूद इसके नदी घाटों से रेत खनन, रेत की चोरी न तो रुक रही है और न ही कालाबाजारी को कोई रोक पा रहा है। जिले के बड़े सफेदपोश लोगों के संरक्षण में जिले के नदी घाटों से गत कुछ महीनों में करोड़ों की रेत चोरी की जा चुकी है और रेत चोरी का क्रम बदस्तूर बना हुआ है।
संबंधित ईलाकों के ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत कई बार जिला प्रशासन से लेकर खनिज विभाग तक से की गई है, परंतु आज तक कभी कठोर कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते रेत माफियाओं के हौसले बुलंद हैं और जिले के रेत माफिया प्रशासन से भी शक्तिशाली नजर आ रहे हैं।
गुरुवार को बैठक में रेत खनन को लेकर तीखे तेवर में कलेक्टर ने कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बशा नहीं जाएगा। उन्होंने सभी अनुविभागों के एसडीएम को अपने अनुविभाग में रेत उत्खनन के ग्रे और ब्लैक स्पॉट की सूची तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि जिम्मेदारों के खिलाफ एमएमडीआर एक्ट के तहत एफआईआर कर कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश हैं कि अवैध उत्खनन एवं परिवहन में लिप्त लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर सोनी ने बताया कि राजस्व, पुलिस, वन, खनिज और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम जिमेदारों के ख़िलाफ कार्रवाई करेगी। उक्त निर्देशों के दूसरे ही दिन शुक्रवार को जिले के रेत घाटों का निरीक्षण किया गया तो लगभग सभी घाटों पर रेत माफिया पूर्व की तरह बेखौफ हो खुलेआम रेत उत्खनन करते नजर आए। दतान ख रेत घाट में महानदी की धार के बीच में ही नदी के बीच पोकलैंट मशीन लगाकर बाकायदा हाईवा से रेत खनन किया जा रहा है। कुछ यही हाल जिले के अन्य रेत खदानों का भी नजर आ रहा है। जिसे देख यह लगता है कि इन्हें प्रशासन की सख्ती की कोई परवाह ही नहीं।
गुरुवार की बैठक में कलेक्टर सोनी ने कहा कि जिले में रेत उत्खनन हेतु 14 खदानें स्वीकृत हैं जहां से केवल ट्रेक्टर में माध्यम से ही रेत उत्खनन करने की मंजूरी है। यदि कोई हाइवा या चैन माउंटेन का उपयोग करता है तो उनका वाहन जब्त किया जाएगा।
इसके बाद ड्राइवर के साथ साथ वाहन के मालिक पर भी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, परंतु जिले की लगभग सभी रेत खदानों में शुक्रवार को ही पोकलैंड, चैन माऊंटेन, हाईवा आदि के द्वारा रेत खनन, परिवहन खुलेआम किया जा रहा है। लिहाजा प्रशासन की कार्यवाही का जिलेवासियों को इंतजार है।
Sand mafia: आम नागरिकों से भी रेत के अवैध खनन और परिवहन को रोकने में प्रशासन की मदद करने की अपील की गई है। जिसके लिए एक नंबर भी जारी किया गया है। आम नागरिक संपर्क केंद्र के मोबाइल नंबर 92018-99925 पर अवैध खनन और परिवहन की जानकारी दे सकता है। प्रशासन का दावा है कि सटीक जानकारी देने वाले को जिला प्रशासन द्वारा पुरस्कृत भी किया जाएगा।
परंतु अब तक संबंधित ग्रामीण अधिकारियों से सीधे मिलकर शिकायत करते हैं तो जब कार्यवाही नहीं होती है तो महज एक काल पर क्या कार्रवाई होगी इसको लेकर ग्रामीणों को संशय है। गौरतलब हो कि जिले में अवैध रेत उत्खनन का कार्य विगत 12-15 वर्षों से अधिक जारी है। संपूर्ण कार्य हाई प्रोफाइल रेत माफियाओं, संबंधित गांव के कुछ दबंगों द्वारा संचालित किया जा रहा है।
नियम अनुसार रेत खनन हेतु रायल्टी पर्ची ग्राम पंचायत को जारी की जाती है और कितने बड़े स्थान में खनन किया जाना है, इसका स्पष्ट उल्लेख किया जाता है। बावजूद इसके कुल अनुमति से कई गुना अधिक बड़े क्षेत्र में रेत खनन किया जा रहा है, जिसकी नियमित रूप से नापजोख और सीमांकन नहीं होता है। बरसात के दौरान फिर से नदी में पानी आने से पूरा स्थान पूर्ववत हो जाता है। इस दौरान उस स्थान से करोड़ो रुपए की रेत अवैध रूप से निकाल ली जाती है।
Updated on:
17 May 2025 10:32 am
Published on:
17 May 2025 10:32 am
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