जबकि, पैसेवालों की बात आते ही विभाग की भूमिका संदिग्ध हो जाती है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि महाठग शिवा अपने बचाव में सारे पैतरे आजमा रहा है। उसे सत्ता पक्ष के किसी बड़े नेता और पुलिस विभाग से भी मदद मिलने की बात कही जा रही है। इसी के चलते महाठग आज भी खुलेआम बेखौफ घूम रहा है। कानून को ठेंगा दिखा रहा। क्षेत्र में सत्ता पक्ष के संरक्षण, राजीनामा और हाइकोर्ट से जमानत की चर्चाएं भी जोरों पर हैं।