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11 साल के छात्र व 10 साल की छात्रा की फांसी के फंदे पर लटकती मिली लाश, पसरा मातम

Commits suicide: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्र में हुई घटना से छात्र व छात्रा के परिजन सदमे में, छात्र मोहल्ले में ही रामनवमी का झंडा लगाकर लौटा था घर

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Commits suicide

Parmanand Prajapati

रामानुजगंज. Commits suicide: बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 2 दिन के भीतर 11 साल के छात्र व 10 साल की छात्रा द्वारा फांसी लगाने की घटना से सभी को झकझोर दिया है। इतनी छोटी उम्र में बच्चों ने क्यों ऐसा कदम उठाया, यह एक सवाल है। दरअसल रामानुजगंज निवासी 11 वर्षीय छात्र मोहल्ले में ही रामनवमी का झंडा लगाकर रविवार की शाम घर आया। मां से खाना मांगा और कमरे में चला गया। कुछ देर बाद ही उसका शव पंखे के सहारे फांसी के फंदे पर लटका मिला। वहीं इस घटना के एक दिन पूर्व बलरामपुर थाना अंतर्गत 10 वर्षीय छात्रा ने मां की डांट से नाराज होकर घर से कुछ देर पेड़ पर फांसी लगा ली थी। दोनों ही मामले में परिजनों में मातम पसरा हुआ है।


रामानुजगंज के वार्ड क्रमांक 13 निवासी सुनील प्रजापति का 11 वर्षीय पुत्र परमानंद प्रजापति काफी होनहार छात्र था। वह स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कक्षा चौथी में पढ़ाई कर रहा था। बहुमुखी प्रतिभा का धनी परमानंद पढ़ाई में बहुत तेज था। वह रविवार को अपने दोस्तों के साथ दिन भर रामनवमी को लेकर झंडा लगा रहा था।

यहां तक कि अपने टीचर के यहां भी झंडा लगाने गया था। झंडा लगाने के दौरान बहुत ही उत्साहित एवं खुशमिजाज होकर कार्य कर रहा था, अचानक ऐसा कैसे हुआ। घर में भी वैसी कोई बात नहीं हुई जिससे वह गुस्सा हो। वह घर आकर अपनी मां से अन्य दिनों की तरह सामान्य रूप से खाना मांगा।

मां बोली खाना बना रही हूं, बन जाएगा तो खा लेना, तब तक जाकर पढ़ाई कर ले। इसके बाद परमानंद कमरे में चला गया। खाना बनने के बाद जब मां उसे बुलाने गई तो रूम का दरवाजा अंदर से बंद था। घरवालों ने समझा कि पढ़ाई कर रहा होगा परंतु उन्हें क्या पता था कि उसने फांसी लगाकर जान दे दी है।

वे दरवाजा को धक्का मारकर भीतर घुसे तो उसका शव पंखे के सहारे फांसी पर लटका हुआ था। परमानंद का अंतिम संस्कार पैतृक गांव आमर जिला गढ़वा झारखंड में किया गया।

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पढऩे में मेधावी था परमानंद
परमानंद प्रजापति पढऩे में बहुत तेज था। वह स्कूल के सभी सांस्कृतिक बौद्धिक खेलकूद प्रतियोगिताओं में बढ़.चढक़र हिस्सा लेता था। शिक्षकों का भी बहुत चहेता था। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि परमानंद अब इस दुनिया में नहीं रहा, जो रविवार को दिन भर अपने दोस्तों के साथ रामनवमी का झंडा लगाते घूम रहा था, अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसने फांसी लगा जान दे दी।


परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सुनील प्रजापति के दो पुत्र एवं एक पुत्री हैं। सबसे छोटा परमानंद था जो सबका लाडला था। घटना के समय सिर्फ मां घर में थी। वहीं सुनील किसी काम से अंबिकापुर गया था। घटना की जानकारी मिलते ही सुनील घर में पहुंचा। अपने लाडले मासूम को खो जाने के गम में माता-पिता का विलाप देखकर हर एक की आंखें नम हो गईं।

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नगर सहित स्कूल में शोक की लहर
स्वामी आत्मानंद स्कूल के कक्षा चौथी में पढऩे वाला परमानंद प्रजापति पढऩे में बहुत तेज था। वही बहुमुखी प्रतिभा का धनी भी था। जैसे ही स्कूल में सोमवार को परमानंद के निधन का समाचार मिला, स्कूल के प्राचार्य हरिओम गुप्ता ने मृत आत्मा की शांति के लिए 2 मिनट का मौन धारण कर स्कूल की छुट्टी कर दी। सोमवार को स्कूल में हर एक की आंखें नम थीं।


छात्रा ने भी लगा ली थी फांसी
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 2 दिन के भीतर मासूम बच्चों के फांसी लगाने की यह दूसरी घटना है। शनिवार की शाम बलरामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पथरी निवासी कक्षा पांचवीं की छात्रा मंजू पोर्ते को उसकी मां ने बकरी बांधने के नाम पर डांटा था।

बालिका को मां की डांट इतनी नागवार गुजरी कि वह घर से कहीं चली गई। परिजन उसकी खोजबीन में जुटे थे, लेकिन रातभर वह घर नहीं पहुंची। इसी बीच रविवार की सुबह घर से कुछ ही दूरी पर स्थित पेड़ पर उसकी लाश फांसी पर लटकी मिली।