scriptछात्रा को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर 8 लाख की ठगी, कोलकाता पहुंचे पिता-बेटी के उड़े होश | Big fraud: 8 lakh swindle in the name of admission in medical college | Patrika News

छात्रा को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर 8 लाख की ठगी, कोलकाता पहुंचे पिता-बेटी के उड़े होश

locationबलरामपुरPublished: Dec 25, 2023 09:11:12 pm

Big fraud: नीट एक्जाम में कम नंबर आने पर छात्रा को नहीं मिल पा रही थी सीट, अज्ञात शख्स ने कॉल कर छात्रा व उसके पिता को लिया झांसे में, ठग ने धीरे-धीरे खाते में करीब 8 लाख रुपए करा लिए ट्रांसफर

Fraud in the name of MBBs admission

Fraud in the name of MBBs admission

कुसमी. Big fraud: बेटी को मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के चक्कर में बलरामपुरजिले के ग्राम दहेजवार निवासी एक पिता करीब 8 लाख रुपए गवां बैठा। ठगी का पता उन्हें तब चला जब ठग ने उन्हें फर्जी एलॉटमेंट व काउंसिलिंग लेटर देकर कोलकाता बुलाया। वहां पहुंचने पर पिता-बेटी को पता चला कि वे ठगी के शिकार हुए हैं। पीडि़त की रिपोर्ट पर बलरामपुर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ धारा 420, 67 आईटी एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम दहेजवार निवासी सुभाष यादव की पत्नी शिक्षिका हैं। वे परिवार समेत बलरामपुर में ही रहते हैं। उनकी पुत्री पुष्पलता यादव का इस वर्ष के नीट एक्जाम में 491 स्कोर आया था। नीट स्कोर के आधार पर मेडिकल कालेज में सीट आबंटन नहीं हो पा रहा था।
इसी बीच 2 अक्टूबर को सीट आबंटन के लिए सुभाष यादव की बेटी के मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाले शख्स ने अपना नाम रोहित रंजन बताते हुए कहा कि आपको मेडिकल कालेज में सीट मिल जाएगी। इसके लिए आपको 3 लाख रुपए जमा करना होंगे। इसके बाद 9 अक्टूबर को शख्स द्वारा फर्जी अलाटमेन्ट लेटर भेजा गया।
लेटर को असली समझ कर सुभाष यादव उसके झांसे में आ गए और उसके बताए खाता नंबर 217901002376 व मोबाइल नंबर 9263365263 के पते उत्तर प्रदेश के साकेत नगर लंका थाना वाराणसी दिखा रहा था, में 3 लाख रुपए 9 अक्टूबर को ही जमा कर दिए।
वहीं 15 अक्टूबर को एडमिशन लेटर मिलने पर 16 अक्टूबर को सुभाष यादव द्वारा फिर उसके कहने पर 2 लाख रुपए उसी खाता नंबर में भेजा गया। 17 अक्टूबर को भी अज्ञात शख्स द्वारा पैसे की मांग करने पर फिर से सुभाष ने 1 लाख रुपए उसी खाते में ट्रांसफर किया।
फिर हॉस्टल फीस के नाम से अलग से पैसे मांगे गए तो सुभाष यादव ने 36 हजार रुपए, 3 नवंबर को एनओसी दिलाने के नाम से 1 लाख रुपए, 6 नवंबर को क्यूआर कोड भेज कर उसमें 10 हजार रुपए व 7 नवंबर को भी 10 हजार रुपए यानि कुल 7 लाख 36 हजार रुपए एक ही खाते में जमा करवाया गया।
इसके अलावा फोन पे क्यूआर कोड में 20 हजार रुपए तथा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल के नाम से 15 हजार 500 रुपए का डीडी बनवाया गया। बेटी को मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने का सपना संजोए सुभाष यादव ठग के झांसे में आकर हर बार पैसा जमा करवाते रहे।

मार्गदर्शन बीएड कॉलेज ने अधिक पैसे लेकर बेची सीट, शिकायत पर पहुंचे अफसरों ने एडमिशन पर लगाई रोक


कोलकाता जाने पर सामने आया फर्जीवाड़ा
9 नवंबर को काउंसिलिंग के लिए सुभाष यादव व उसकी पुत्री पुष्पलता यादव को ठग ने कोलकाता बुलवा कर 15 हजार 500 का डीडी रख लिया था। 9 नवंबर तक सुभाष यादव का आखरी बार उक्त ठग से संपर्क हुआ। इसके बाद सुभाष यादव ने उससे कई बार बार संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सभी नंबर बंद बताने लगा।
फिर सुभाष यादव 4 दिसंबर को अपनी पुत्री के साथ मेडिकल कॉलेज कोलकाता शहर गए तो उन्हें पता चला कि उनको मिला एलॉटमेट व एडमिशन लेटर फर्जी है। उन्हें बताया गया कि आपके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ है।

तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार 2 नाबालिगों को कुचला, दोनों की मौत, लोगों का फूटा गुस्सा


जांच में जुटी पुलिस
ऑनलाइन ठगी की बात सुनकर सुभाष यादव व उसकी पुत्री के होश उड़ गए। इस तरह से सुभाष यादव से ठग ने कुल 7 लाख 71 हजार 500 रुपए ठग लिए। पीडि़त सुभाष यादव की रिपोर्ट पर बलरामपुर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 420, 67 आईटी एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
loksabha entry point

ट्रेंडिंग वीडियो