इस पुल (Kanhar bridge) से धौली, झारा, कुशफर, सेमरवा, पचावल, आनंदपुर जैसे 20 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। बरसात के समय जब नदी उफान पर होती है, तब लोगों को इलाज, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने में काफी दिक्कत होती है। पुल बन जाने के बाद यह समस्या इतिहास बन जाएगी।