
Student dead body for funeral (Photo- Patrika)
वाड्रफनगर। बलरामपुर जिले के शारदापुर गांव में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का छज्जा गिरने से कक्षा 6वीं में पढऩे वाले छात्र अशोक की दर्दनाक मौत (Student died case) के बाद पूरे गांव में शोक और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। प्रशासन की समझाइश के बाद घटना के दूसरे दिन परिजनों ने नम आंखों से अशोक का अंतिम संस्कार किया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ प्रशासनिक अमला भी मौजूद रहा। अशोक माता-पिता का इकलौता चिराग था, जिसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इधर मामले में जिला प्रशासन ने महिला प्रधानपाठक को निलंबित करने के अलावा 3 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। वहीं निर्माण एजेंसी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराई गई है।
गौरतलब है कि गुरुवार को घटना उस समय हुई, जब भोजन अवकाश के दौरान अशोक खेलते हुए स्कूल परिसर में स्थित निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन के पास यूरिन करने पहुंच गया। इसी दौरान अचानक भवन का छज्जा भरभराकर गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से अशोक की मौके पर ही मौत (Student died case) हो गई। हादसे की खबर फैलते ही गांव में कोहराम मच गया और परिजन बेसुध हो गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आया है। प्राथमिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर स्कूल की प्रधानपाठक ममता गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Student died case) कर दिया गया है। साथ ही विद्यालय में पदस्थ 3 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इसके अलावा आंबा भवन के घटिया निर्माण और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोप में निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत के खिलाफ त्रिकुंडा थाने में धारा 304ए के तहत एफआईआर (Student died case) दर्ज कराई गई है। जांच के दौरान जो भी तथ्य आएंगे, उस हिसाब में धाराओं में बढ़ोतरी की जाएगी।
वहीं निर्माण एजेंसी का कहना है कि अधिकारी जांच व भुगतान के नाम पर भारी कमीशन की मांग करते हैं, इस वजह से हम मानक अनुरूप निर्माण कार्य में सामग्री का उपयोग नहीं कर पाते हैं।
परिजन और ग्रामीण प्रशासनिक कार्रवाई से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा में गंभीर लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार शिक्षकों के खिलाफ आपराधिक मामला (Student died case) क्यों नहीं दर्ज किया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय परिसर में बने कई शौचालय लंबे समय से बंद रखे गए थे।
यदि उन्हें खुला रखा जाता तो संभवत: यह हादसा (Student died case) टल सकता था। घटना के बाद आनन-फानन में शौचालयों की सफाई कर उन्हें खोल दिया गया, जिससे ग्रामीणों में और नाराजगी है।
इस हादसे (Student died case) ने एक बार फिर सरकारी भवनों के निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीडि़त परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। प्रशासन ने निष्पक्ष जांच और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है, लेकिन गांव में अब भी न्याय की उम्मीद और आक्रोश एक साथ दिखाई दे रहा है।
Published on:
09 Jan 2026 07:43 pm
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