
Akhilesh Yadav
बलरामपुर. बीमार बिटिया के लिए पत्रिका की चलाई गई मुहीम रंग लाई है। बिटिया के सहयोग के लिए कई हाथ आगे बढ़कर आने लगे हैं। जिसमें सबसे मुख्य यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव हैं। अखिलेश यादव ने अपने प्रतिनिधि के तौर पर वन निगम के पूर्व चेयरमैन को भेजकर तत्काल परिवार की आर्थिक सहायता की और यह भी विश्वास दिलाया है कि बिटिया के इलाज में होने वाली हर संभव सहायता उनके द्वारा की जाएगी।
परिवार ने बेच डाला सब कुछ, किराए के मकान में रह रहा, लाखों रूपए लगने हैं ऑपरेशन में-
बता दें कि पिछले एक साल से आक्सीजन के सहारे बिस्तर पर पड़ी मौत से संघर्ष कर रही बलरामपुर की होनहार बिटिया नेहा को लोगों से मदद की दरकार है। नेहा के इलाज में अपना सब कुछ गवाँ चुके परिजन अब तंगहाली के दौर से गुजर रहे हैं। बिटिया को तत्काल ऑपरेशन की जरुरत है। गम्भीर बीमारी की सूचना पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने मदद के लिये अपना हाथ बढाया है। नेहा अट्रीस हाइपरटेन्शन नामक दुर्लभ और गम्भीर बीमारी से ग्रसित है। पिछले तीन वर्षों से वह बीमार थी, लेकिन एक वर्ष पूर्व केजीएमसी में तमाम जाँच के बाद नेहा की इस बीमारी का पता चला। पिछले एक वर्ष से नेहा आक्सीजन के सहारे जी रही है। जीवन-मौत से संघर्ष कर रही इस बहादुर बिटिया के परिजन अब तंगहाल हो चुके हैं। पैतृक घर बिक गया और अब किराये के मकान में रह रहे हैं। डाक्टर ने तत्काल आपरेशन के लिये कहा है, लेकिन आपरेशन में चार लाख रुपये तक का खर्च आना है। पहले से ही आर्थिक तंगी झेल रहे इस परिवार को अब मदद की दरकार है।
अखिलेश यादव ने पहुंचाई मदद-
पत्रिका ने इस खबर को प्रमुखता से छापा था जिसका यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने संज्ञान लिया। अखिलेश यादव ने इस बहादुर बिटिया के इलाज का भरोसा दिलाया है। उनके प्रतिनिधि के तौर पर वन निगम के पूर्व अध्यक्ष सलिल सिंह टीटू ने नेहा के घर पहुँचकर एक लाख रुपये की तात्कालिक आर्थिक सहायता दी और आगे भी इलाज के लिये हरसम्भव मदद का भरोसा दिलाया। पल्मोनरी अट्रीट हाइपरटेन्शन एक दुर्लभ बीमारी है। पिछले दस वर्षो में यूपी में इस बीमारी का कोई मरीज नहीं मिला है। केजीएमसी के डाक्टरों ने शीघ्र आपरेशन की सलाह दी है। शीघ्र आपरेशन नहीं हुआ, तो नेहा का पूरा शरीर लकवाग्रस्त हो सकता है और फिर उसकी जान बचना भी मुश्किल है।
Published on:
08 Dec 2018 04:58 pm
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