
छात्रों को परीक्षा के तैयारी की जानकारी देते डीएम फोटो सोर्स सूचना विभाग
Balrampur News:बलरामपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं का हौसला बढ़ाने के लिए डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन अभ्युदय कोचिंग पहुंचे। उतरौला के टाइनी टॉट्स इंटर कॉलेज में उन्होंने विद्यार्थियों से सीधे बातचीत की। जेईई, नीट, सिविल सेवा और वन-डे परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से पढ़ाई की रणनीति जानी। डीएम ने कहा कि आर्थिक या भौगोलिक परिस्थितियां सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। मेहनत, अनुशासन, नियमित अभ्यास और सही रणनीति से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
बलरामपुर जिले में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत निःशुल्क कोचिंग संचालित की जा रही है। इसी का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन उतरौला पहुंचे। उन्होंने टाइनी टॉट्स इंटर कॉलेज में चल रही अभ्युदय कोचिंग का भ्रमण किया। डीएम ने कक्षाओं में मौजूद छात्र-छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने उनकी पढ़ाई और तैयारी के तरीके के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों से पूछा कि वे किस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और इसके लिए किस तरह की योजना बना रहे हैं। कोचिंग में जेईई, नीट, सिविल सेवा और विभिन्न वन-डे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने छात्रों से कहा कि अपना लक्ष्य पहले से स्पष्ट रखें। इसके बाद उसी के अनुसार पढ़ाई का समय और विषयवार रणनीति तय करें। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए आर्थिक स्थिति या किसी स्थान विशेष से जुड़ी परिस्थितियां बाधा नहीं बननी चाहिए। मेहनत, लगन और निरंतरता पर ध्यान देने से आगे बढ़ने का रास्ता तैयार होता है।
डीएम ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि परीक्षा के सिलेबस को अच्छी तरह समझें। जरूरत से ज्यादा अध्ययन सामग्री जुटाने के बजाय निर्धारित पाठ्यक्रम को मजबूत करें। रोजाना पढ़ाई के साथ पुराने विषयों का रिवीजन करें। प्रश्नों का अभ्यास बढ़ाएं और परीक्षा में समय प्रबंधन पर भी ध्यान दें। बातचीत के दौरान छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई सवाल पूछे। विद्यार्थियों ने समय प्रबंधन, लक्ष्य तय करने, पढ़ाई की रणनीति और तैयारी के दौरान आने वाली परेशानियों पर अपनी जिज्ञासा रखी। डीएम ने उनके सवालों का जवाब दिया और शंकाओं का समाधान किया।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय अपनी कमियों को पहचानें। उन्हें दूर करके दोबारा तैयारी करें। सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं है। नियमित मेहनत, आत्मविश्वास और अनुशासन ही तैयारी को मजबूत बनाते हैं। डीएम ने कोचिंग में उपलब्ध सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र और जरूरतमंद युवाओं को योजना से जोड़ने के निर्देश दिए।
बलरामपुर में अभ्युदय योजना के तहत चार स्थानों पर निःशुल्क कोचिंग और सैटेलाइट सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इनमें डायट बलरामपुर, राजकीय आश्रम पद्धति बालिका इंटर कॉलेज विशुनपुर विश्राम पचपेड़वा, तुलसीपुर तहसील क्षेत्र और टाइनी टॉट्स इंटर कॉलेज उतरौला शामिल हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने आसपास ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर मिल रहा है।
Updated on:
19 Sept 2026 06:34 pm
Published on:
19 Sept 2026 06:30 pm
