
कर्नाटक सरकार से बसपा बाहर, एकमात्र मंत्री ने दिया इस्तीफा
बेंगलूरु. तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में गठजोड़ नहीं कर कांगे्रस को झटका देने के बाद अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) कर्नाटक में गठबंधन सरकार से बाहर हो गई है। बसपा के इकलौते मंत्री एन महेश ने गुरुवार को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। पिछले एक सप्ताह से छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में बसपा और कांग्रेस के बीच विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन नहीं होने के बाद से ही राज्य में भी बसपा के सरकार से बाहर होने की चर्चा थी। महेश का इस्तीफा पार्टी प्रमुख मायावती के कांग्रेस के साथ राजस्थान व मध्य प्रदेश में गठजोड़ की संभावना को खारिज करने के एक दिन बाद आया है। हालांकि, महेश ने कहा कि उनके इस्तीफे का कांग्रेस और बसपा के बीच चल रहे गतिरोध से कोई संबंध नहीं है।
बसपा राज्य मेें एच डी कुमारस्वामी वाले कांग्रेस और जद-एस गठबंधन सरकार में भागीदार थी। महेश राज्य में बसपा के एकमात्र विधायक हैं। जद-एस और बसपा के बीच राज्य में चुनाव पूर्व गठबंधन था। महेश चामराजनगर के कोळेगल से विधानसभा चुनाव में जीते थे। इसके साथ ही राज्य में बसपा का खाता २५ साल बाद खुला था। २३ मई को कुमारस्वामी के सत्ता संभालने के बाद किसी मंत्री का यह पहला इस्तीफा है।
सरकार को देते रहेंगे समर्थन
कुमारस्वामी को इस्तीफा सौंपने के बाद महेश ने कहा कि उन्होंने निजी कारणों से मंत्री पद छोडऩे का निर्णय लिया है। हालांकि, गठबंधन सरकार को उनका समर्थन जारी रहेगा। महेश ने कहा कि अपने चुनाव क्षेत्र में ज्यादा वक्त देने के लिए इस्तीफा देने का निर्णय लिया। महेश ने कहा कि पिछले कुछ समय से कोळेगल विधानसभा क्षेत्र में दुष्प्रचार किया जा रहा है कि मैं अब क्षेत्र के बजाय बेंगलूरु में ज्यादा रहता हूं। महेश ने कहा कि इसके अलावा राज्य में पार्टी को लोकसभा चुनाव के लिए तैयार करने की भी आवश्यकता है।
महेश ने कहा कि कुमारस्वामी सरकार को समर्थन जारी रखने की बात दुहराते हुए कहा कि वे ३ नवम्बर को होने वाले लोकसभा और विधानसभा उपचनुावों में भी जद-एस के लिए प्रचार करेंगे। महेश ने कहा कि वे सरकार में शामिल किसी व्यक्ति से नाराज नहीं हैं और मंत्री के तौर पर अपने कामकाज से संतुष्ट हैं।
लखनऊ से आया इस्तीफे का निर्देश
सूत्रों के मुताबिक महेश को मंत्री पद से इस्तीफा देने का निर्देश दोपहर में ही लखनऊ मिल गया था। महेश ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी के प्रदेश प्रभारी अशोक सिद्धार्थ से बात करने के बाद उन्होंने पद छोडऩे का निर्णय लिया। पिछले सप्ताह महेश ने कहा था कि अगर बसपा प्रमुख मायावती उन्हें पद छोडऩे के लिए कहेंगी तो वे इस्तीफा दे देंगे। बताया जाता है कि कांग्रेस से नाराज होने के कारण मायावती ने महेश को पद छोडऩे के लिए कहा था। उत्तर प्रदेश के बाहर किसी राज्य में महेश बसपा के पहले मंत्री थे। कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में मायावती भी मौजूद रही थीं। महेश ने बाकी २४ मंत्रियों के साथ ६ जून को शपथ शपथ ली थी।
Updated on:
11 Oct 2018 07:35 pm
Published on:
11 Oct 2018 06:23 pm
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