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अब डीके शिवकुमार ने की राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की वकालत

पार्टी कार्यकर्ता चाहते हैं राहुल बने अध्यक्ष
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बैंगलोर

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Sanjay Mohan Kulkarni

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Updated: 13 Oct 2021, 6:15 AM IST

अब डीके शिवकुमार ने की राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की वकालत

अब डीके शिवकुमार ने की राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की वकालत

बेंगलूरु. कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक से पहले राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की मांग जोर पकडऩे लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने भी राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनाने की वकालत की है।
उन्होंने मंगलवार को यहां संवाददाताओं से कहा कि कार्यकर्ताओं की यही मांग है कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभालें। उन्होंने कहा 'पूरा देश और कांग्रेस के सभी कार्यकर्ता चाहते हैं कि राहुल गांधी यह जिम्मेदारी संभालें। उन्होंने जब से इस्तीफा दिया है, तब से ही हम उन पर अध्यक्ष पद संभालने के लिए दबाव डाल रहे हैं। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की एकमत से यही राय है कि वह अध्यक्ष बनें।Ó
शिवकुमार ने कहा कि राहुल गांधी अभी भी 90 प्रतिशत जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। सभी चाहते हैं कि वह पूरी जिम्मेदारी लें। आगामी 16 अक्टूबर को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक है। देखते हैं क्या फैसला होता है।
इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने भी सोमवार को राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने की इच्छा व्यक्त की थी।
सिद्धरामय्या को राष्ट्रीय भूमिका देने की अटकलों पर शिवकुमार ने कहा कि यह नेतृत्व को तय करना है और प्रदेश इकाई के साथ हाइकमान की ऐसी कोई चर्चा नहीं हुई है। यह पार्टी और विधायक दल के नेता सिद्धरामय्या से संबंधित है और वे इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहते। ये अभी केवल अटकलें हैं, इस पर उनके साथ चर्चा नहीं हुई है।
इससे पहलेे ऐसी अटकलें जोर पकड़ रही थी कि पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हाल ही में सिद्धरामय्या को राष्ट्रीय भूमिका देने की पेशकश की थी। हालांकि, सिद्धरामय्या ने इनकार कर दिया और कहा कि वे कर्नाटक तक ही सीमित रहना चाहते हैं।
डीके शिवकुमार ने यह भी दावा किया कि कई पार्टियों के नेता कांग्रेस में शामिल होने के इच्छुक हैं। वे स्थानीय व अन्य नेताओं के साथ बातचीत कर रहे हैं। यह कहते हुए कि वह कर्नाटक में कोयले और बिजली की कमी के बारे में जानकारी इक_ा कर रहे हैं पूर्व ऊर्जा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान राज्य के पास अतिरिक्त बिजली थी और इसे दूसरों को बेच रहे थे।