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हिंदुत्व के दुष्प्रचार के कारण हम चुनाव हारे : सिद्धू

बल्लारी के लोग भाजपा के जाल में नहीं फंसे और उन्होंने जिले से कांग्रेस को छह सीटों पर जीत दिलाई
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बैंगलोर

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Ram Naresh Gautam

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Updated: 28 Aug 2018, 8:23 PM IST

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हिंदुत्व के दुष्प्रचार के कारण हम चुनाव हारे : सिद्धू

बेंगलूरु. पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेताओं द्वारा कांग्रेेस की सरकार के खिलाफ किए गए हिंदुत्व के दुष्प्रचार के कारण कुछ जिलों में हमें हार का सामना करना पड़ा लेकिन अगले लोकसभा चुनाव में किसी को भी हिंदुत्व के प्रतिपादन की तरफ ध्यान नहीं देना चाहिए।

वे सोमवार को बल्लारी शहर के बंडीहट्टी इलाके में कनकदास की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के समय सांप्रदायिक ताकतों ने हिंदुत्व के नाम पर लोगों को लुभाने का काम किया जिस वजह से अनेक जिलों में लोग उनकी बातों में आ गए लेकिन बल्लारी के लोग भाजपा के जाल में नहीं फंसे और उन्होंने जिले से कांग्रेस को छह सीटों पर जीत दिलाई।

उन्होंने दावा कि राज्य में आज तक किसी भी सरकार ने जितना काम नहीं किया उससे कहीं अधिक काम पिछली कांग्रेस सरकार ने कर दिखाया था। लेकिन चुनाव के दौरान हिंदुत्व व अल्पसंख्यकों के तुष्टिकरण के मसले हावी हो गए और हमारी उपलब्धियों की चमक फीकी पड़ गई। लेकिन बल्लारी वालों ने प्रबुद्धता से साथ निर्णय किया और उनको यही उम्मीद है कि अगले लोकसभा चुनाव में भी यहां से लोग ऐसी ही प्रबुद्धता दिखाएंगे।

प्रदेश में नए राजनीतिक समीकरण बनेंगे
बेंगलूरु. केन्द्रीय रसायन व उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ जद-एस- कांग्रेस गठबंधन सरकार की जल्द ही पतन होगा और प्रदेश में नए राजनीतिक समीकरण बनेंगे। उन्होंने सोमवार को यहां कहा कि जनता दल-एस व कांग्रेस ने किसी सिद्धांत या विचारधारा के आधार पर नहीं बल्कि केवल भाजपा को सत्ता से दूर रखने के मकसद से गठजोड़ कर सरकार बनाई है।

यह अधिक समय तक सत्ता में बनी नहीं रह पाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व जद-एस परस्पर विपरीत दिशाओं में चल रहे हैं। दोनों ही दलों के बीच आपसी अविश्वास बढ़ रहा है और दोनों दलों के नेता एक दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते हैं। ऐसी सरकार का होना या नहीं होना बराबर है। उन्होंने कहा कि राजनीति ठहरा पानी नहीं है। पुराना पानी बह जाता है और नया पानी आता है। ठीक इसी तरह इस सरकार का जल्द ही पतन होगा और भाजपा के सत्ता में आने में कोई संदेह नहीं है। हम किसी भी हाल में इस सरकार को अस्थिर करने की कोशिश नहीं करेंगे लेकिन यह सरकार स्वत: गिर जाएगी।