
बेंगलूरु. राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने पूर्व मंत्री एमआर सीताराम, पूर्व केंद्रीय मंत्री के. रहमान खान के बेटे मंसूर अली खान और प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व अधिकारी एचपी सुधाम दास के विधान परिषद में नामांकन पर राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
कर्नाटक राज्य मुस्लिम जन जागृति वेदिके और न्यायमित्र के सचिव राघवाचार शास्त्री के अभ्यावेदन के बाद राज्यपाल के विशेष सचिव आर. प्रभुशंकर ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिक्षा, सहयोग, संस्कृति और सामाजिक सेवा श्रेणियों के तहत नामांकन से संबंधित स्पष्टीकरण मांगा है।
प्रभुशंकर ने 4 अगस्त को लिखे पत्र में अनुरोध किया कि नियमों के अनुसार आगे आवश्यक कार्रवाई करने के लिए अभ्यावेदन की जांच की जाए। नामांकन श्रेणी में सभी तीन सीटें खाली पड़ी हैं।
सीताराम ने सरकार में विधायक, एमएलसी और मंत्री के रूप में कार्य किया। वह बेंगलूरु में रमैया ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस भी चलाते हैं। मंसूर अली खान ने कथित तौर पर 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी अभियान को वित्त पोषित किया। जबकि दास राज्य विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल हुए और एससी (वाम) समुदाय से हैं।
Published on:
5 Aug 2023, 11:36 PM IST
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