
कर्नाटक में दो रुपए महंगा हो सकता है दूध
बेंगलूरु. एच डी कुमारस्वामाी सरकार के संशोधित बजट में डीजल और पेट्रोल पर लगाए गए अतिरिक्त कर का असर अब आम लोगों पर भी पड़ेगा। रसोई गैस के अब तक के उच्चतम कीमत पर पहुंचने के बाद अब लोगों को बस सफर के साथ ही दूध के लिए भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। अगर सरकार बस किराए और नंदिनी दूध की कीमतों में वृद्धि के प्रस्ताव को अनुमोदित कर देती है तो लोगों का बजट बिगडऩे के साथ ही मासिक खर्च भी बढ़ जाएगा।
सहकारी कर्नाटक दुग्ध उत्पादक महासंघ (केएमएफ) ने माह के अंत तक दूध के मूल्यों में प्रति लीटर दो रुपए तक की वृद्धि के संकेत दिए हैं। हालांकि, संघ ने अभी सरकार को प्रस्ताव नहीं भेजा है लेकिन इस मसले पर चर्चा चल रही है। पशुपालन मंत्री वेंकटराव नाडगौड़ा ने दूध की कीमतों में वृद्धि के प्रस्ताव पर अभी विचार से इनकार किया है। महासंघ के प्रबंध निदेशक राकेश सिंह ने भी ऐसी चर्चाओं को खारिज किया है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित दो रुपए की वृद्धि में से एक रुपया दुग्ध उत्पादक किसान को तथा एक रुपया केएमएफ को मिलेगा। अगले सप्ताह में महासंघ की बैठक में मूल्य वृद्धि के प्रस्ताव पर विमर्श के पश्चात यह प्रस्ताव मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। हाल में पेट्रोल तथा डीजल के मूल्यों में बढ़ोतरी के कारण दूध की ढुलाई खर्चे में इजाफा हुआ है। बताया जाता है कि दूध की कीमतों में वृद्धि के बारे मेें अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री, पशुपालन मंत्री और महासंघ के अधिकारियों की बैठक के बाद लिया जाएगा। पिछले साल अप्रेल से दूध की कीमतों में दो रुपए की वृद्धि हुई थी। इससे पहले २०१६ में ४ रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी। इस साल अप्रेल में ही दूध की कीमतों मेें वृद्धि का प्रस्ताव था लेकिन विधानसभा चुनाव के कारण पिछली सिद्धरामय्या सरकार ने इस पर कोई निर्णय नहीं लिया था।
Published on:
5 Sep 2018, 7:16 PM IST
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