
अब मंत्रियों के नेतृत्व में बांध निगरानी समिति
बेंगलूरु. राज्य के बांधों से अब संबंधित जिलों के मंत्रियों के नेतृत्व में गठित सलाहकार समिति के सुझाव के आधार पर सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जाएगा। ये समिति बांधों में पानी की उपलब्धता और संबंधित क्षेत्र की फसल पद्धति के आधार पर पानी छोडऩे के बारे में निर्णय लेगी।
सिंचाई मंत्री डी के शिवकुमार ने कहा कि मंत्री सी एस पुट्टराूज, एच डी रेवण्णा, एस आर महेश कावेरी नदी पर बने क्रमश: कृष्णराज सागर, हेमावती और हारंगी बांधों से जुड़ी समिति का नेतृत्व करेंगे जबकि सी पुट्टरंग शेट्टी, रमेश जारकीहोली और वेंकटराव नाडगौड़ा क्रमश: कबिनी, मलप्रभा, घटप्रभा और तुंगभद्रा बांध से जुड़ी समिति का नेतृत्व करेंगे।
उन्होंने कहा कि ये मंंत्री किसानों, अधिकारियों और बाकी सभी संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने के बाद सिंचाई विभाग को क्षेत्र के लोगों की आवश्यकताओं के बारे में बताएंगे।
शिवकुमार ने कहा कि मंत्री किसानों और स्थानीय विधायकों की बैठक में चर्चा करने के बाद पानी छोडऩे के बारे में निर्णय लेंगे। शिवकुमार ने कहा कि कावेरी के बांधों से तमिलनाडु के इस महीने अभी 18 टीएमसी पानी छोड़ा गया है। कावेरी जल प्रबंधन बोर्ड के आदेश के मुताबिक राज्य को जुलाई महीने में तमिलनाडु के लिए 31.24 टीएमसी पानी छोडऩा है।
नदियों में नहीं उतरने की चेतावनी
बेंगलूरु. राज्य के तटवर्ती और मलनाडु क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से नदियों में नहीं उतरने की अपील की है। विभाग ने सभी जिला प्रशासन को मानसून समाप्त होने तक नदियों में किसी तरह की जलक्रीड़ा गतिविधियों का आयोजन नहीं करने की सलाह दी है। चेतावनी में कहा गया है कि लोकप्रिय नदी स्थलों पर लोगों को पानी में उतरने से रोकने के लिए कर्मचारियों को तैनात किया जाए। विभाग के प्रधान सचिव गंगाराम बड़ेरिया की ओर से जारी सलाह में जिला प्रशासनों से किसी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा गया है।
Published on:
12 Jul 2018, 9:35 PM IST
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