
कर्नाटक में विश्वास परीक्षा से ऐसे जीती भाजपा सरकार....पांच घंटे बहस, ध्वनिमत से अविश्वास प्रस्ताव खारिज
बेंगलूरु. बीएस येडियूरप्पा के नेतृत्व वाली 16 महीने पुरानी भाजपा सरकार के खिलाफ मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की ओर से लाया गया अविश्वास प्रस्ताव शनिवार को ध्वनिमत से खारिज हो गया। मानसून अधिवेशन के आखिरी दिन पांच घंटे तक प्रस्ताव पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के साथ तीखी बहस हुई लेकिन ध्वनिमत से सरकार जीत गई।
शनिवार को सदन की कार्यवाही शुरु होते ही अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने कहा कि वे कोरोना संक्रमित सदस्यों को मतदान करने के लिए सदन में आने की अनुमति देने के पक्ष में नहीं हैं। विपक्ष को अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के लिए जोर नहीं देना चाहिए क्योंकि तब कोरोना पीडि़त सदस्यों को भी मतदान के लिए आना पड़ेगा। अध्यक्ष की अपील पर विपक्ष नेता सिद्धरामय्या ने मानवीय आधार पर ध्वनिमत से प्रस्ताव पर निर्णय के लिए सहमति जताई। सिद्धरामय्या ने प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार पर भ्रष्टाचार और विफलता के आरोप लगाए। बहस के दौरान सिद्धरामय्या और येडियूरप्पा के बीच कई बार तीखी नोंक-झोंक भी हुई। देर रात ध्वनिमत से प्रस्ताव खारिज हो गया।
Published on:
27 Sep 2020, 1:39 AM IST
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