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स्वार्थ पूरे नहीं होने पर लोग होते हैं नाराज

वह अपने स्वार्थ व हित का काम कराने आया होगा।
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jaini

स्वार्थ पूरे नहीं होने पर लोग होते हैं नाराज

परन्तु सब लोग ऐसे नहीं होते हैं, कितनों का स्वभाव इतना अच्छा होता है कि कैसा भी स्वार्थ उसे असर नहीं करेगा

बेंगलूरु. शांतिनगर जैन श्वेताम्बर मूर्ति पूजक के तत्वावधान में सोमवार को आयोजित धर्मसभा में महेन्द्रसागर सूरी ने कहा कि हम कितने ही अच्छे स्वभाव के हों किन्तु सामने वाले की स्वार्थपूर्ति हम नहीं करेंगे तो हम उसके लिए बेकार व्यक्ति और बुरे हो जाएंगे।

वह हमसे नाराज हो जाएगा। लोगों में हमारे लिए अयोग्य और गलत बातें करने लग जाएगा। यानि की मित्र मिटकर शत्रु हो जाएगा।

परन्तु सब लोग ऐसे नहीं होते हैं, कितनों का स्वभाव इतना अच्छा होता है कि कैसा भी स्वार्थ उसे असर नहीं करेगा। वह अपने स्वार्थ व हित का काम कराने आया होगा। वह काम यदि हमसे नहीं होगा तब भी वह हमसे नाराज-नाखुश नहीं होगा।

वह हमसे नाखुश होने के उसके पीछे रही मजबूरी को प्रधानता देगा। उसका ऐसा सोचना भी योग्य है।