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जिसका जीवन चिंताओं से जुड़ा, उसका मन चिंतन नहीं करता

यह आनंद हर किसी को प्राप्त नहीं होता है
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बैंगलोर

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Ram Naresh Gautam

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Updated: 29 Aug 2018, 5:20 PM IST

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जिसका जीवन चिंताओं से जुड़ा, उसका मन चिंतन नहीं करता

बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ, चिकपेट शाखा के तत्वावधान में गोड़वाड़ भवन में उपाध्याय रविंद्र मुनि के सान्निध्य में रमणीक मुनि ने कहा कि जिसकी इंद्रियां, शरीर, परमात्मा और परोपकार के लिए होता है उसका जीवन सुगंधमय, उल्लास और आनंदमय होता है। यह आनंद हर किसी को प्राप्त नहीं होता है। उन्होंने कहा कि जिसका जीवन चिंताओं से जुड़ा है उसका जीवन चिंतन नहीं करता है।

गलतफहमियां ही व्यक्ति को उसकी नियति की ओर खींच कर ले जाती हैं। कथनी और करनी की दूरियों की वजह से ही व्यक्ति की जिंदगी अधूरी है। ऐसे लोग जीते जरूर हैं बस वे अपनी सांसों का खजाना पूरा करते हैं। जीवन के उत्सर्ग, त्याग व ऊंचाई की अनुभूति ऐसे लोगों को नहीं मिलती है।

जीवन और जगत के बीच में तथा देश और दुनिया में जो भी भ्रष्टाचार है उसकी एक ही वजह है कथनी और करनी में अंतर है। इससे पूर्व ऋषि मुनि ने गीतिका सुनाई। उप प्रवर्तक पारस मुनि ने मांगलिक प्रदान की। चिकपेट शाखा के महामंत्री गौतमचंद धारीवाल ने बताया कि चौमुखी जाप के लाभार्थी गौतम विनीता मनीष अनिता बोरडिय़ा का जैन दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान किया। सभा मे दिल्ली सहित शहर के विभिन्न उपनगरीय संघों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मुनिवृन्द की निश्रा में मंदिरमार्गी श्राविका सूरजबाई कटारिया ने 13 उपवास का पचकान लिया।


रूप मुनि का अस्थि कलश आएगा
वरिष्ठ प्रवर्तक संत रूपमुनि का अस्थि कलश 2 सितंबर को बेंगलूरु शहर में विभिन्न मार्गों से शोभायात्रा के रूप में होते हुए गोड़वाड़ भवन पहुंचेगा, जहां उपाध्याय रविंंद्र मुनि की निश्रा में दोपहर 2 बजे से सायं 5 बजे तक श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ उसे रखा जाएगा।

राहत सामग्री वितरित
मंड्या. यूथ ग्रुप के सदस्यों ने जोडपाल, महादापुर राहत शिविरों में जाकर बाढ़ प्रभावितों को राहत सामग्री वितरित की। ग्रुप अध्यक्ष अनिल आनंद ने बताया कि 80 प्रभावितों को खाद्य सामग्री प्रदान कर सहायता की गई। अनिल कुमार, वसंत कुमार, गणेश, दिनेश आदि सदस्यों का सहयोग रहा।