
बांसवाड़ा में गणेशजी की प्रतिमाएं
Anant Chaturdashi : आज अनंत चतुर्दशी है। बांसवाड़ा में श्रद्धालु आज 10 दिनों से विराजित बप्पा को विदाई देंगे। बप्पा की यह विदाई भव्य और आकर्षक होगी। गजानन की विदाई यात्रा में 2000 से अधिक ढोल की थाप गूंजेगी। इसमें 200 ट्रैक्टर और 100 ऊंट गाडिय़ां भी शामिल होंगी। यदि पूरे जिले की बात करें तो यह आंकड़ा और बढ़ जाता है। इस विदाई यात्रा को लेकर मंडल संचालकों की ओर से तैयारियां की गई हैं। भव्य आयोजन की स्थिति यह है कि शहर में एक भी ढोल बजाने वाले खाली नहीं है। बल्कि ढोलों की भरपाई करने के लिए बड़ी संख्या में झालोद और रतलाम से ढोल बजाने वालों को बुलाया गया है।
इस विसर्जन यात्रा में प्रतिमाओं की कतार भी काफी लंबी रहेगी। र्त्यंबकेश्वर मंदिर से शुरू होकर गांधी मूर्ति, पीपल चौक, डेगली माता चौक, किशन पोल, नया बस स्टैंड, एसपी सर्किल होते हुए डायलाब पहुंचेगी। ढोल, ताश, नासिक ढोल, बैंड की ध्वनियां आदि वाद्ययंत्रों से शोभायात्रा गूंजेगी।
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बांसवाड़ा शहर के आजाद चौक में बिराजित भगवान श्रीगणेश के भक्त भी उनकी अनूठी शृंगार सेवा करते हैं। भक्त गजानन महाराज से कुछ मनचाहा मांगते हैं। मन्नत पूरी होने पर वे उन्हें चांदी भेंट करते हैं। इसी चांदी से उनकी शृंगार सामग्री सूंड, हाथ, मुकुट, चक्र, गहने और अन्य प्रकार के शृंगारक गढ़वाए जाते हैं। न्यू वागड़ मंडल नामक भक्त मण्डल की देखरेख में यहां आयोजन होते हैं। अध्यक्ष महेंद्र सेठिया (राम भाई) ने यह जानकारी दी।
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Updated on:
17 Sept 2024 11:53 am
Published on:
17 Sept 2024 11:53 am
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