परिवादी के अनुसार जब वह अपने कमरे में लौटा तो जिस खिड़की पर हमेशा ताला लगा रहता था, वह खुली हुई और ताला नदारद पाया। अपने गले की सोने की चेन भी नहीं मिली। तलाश पर खुशबू कहीं नहीं दिखी तो आभास हुआ कि उसने अपनी चचेरी बहन वर्षा, उसकी नानी मीरा देवी, एजेंट बबलू, जयपालसिंह व मोहन शर्मा के साथ मिलकर फर्जी शादी करवाकर धोखा किया है।