
Banswara News : राजस्थान के बांसवाड़ा के श्रीगोविंद गुरु राजकीय महाविद्यालय में नए साल के पहले महीने के वेतन ने स्टाफ को चौंका दिया। अप्रत्याशित रूप से यहां प्रोफेसर-सहायक प्रोफेसरों के खातों में डबल वेतन आ गया। तकनीकी कारणों से बताई गई गड़बड़ी में सरकारी खजाने से करीब 50 लाख रुपए चला गया। जानकारी पर कॉलेज प्रशासन ने संदेश भेजकर सभी अधीनस्थों से अतिरिक्त राशि का इस्तेमाल रुकवा दिया, लेकिन मोटी रकम की वापसी को लेकर असमंजस से मामला चर्चा में है।
सूत्रों के अनुसार कॉलेज से वेतन बिल भेजने के बाद पांच फरवरी को संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों को सैलेरी डाली गई। इसमें कुछ लोगों के डबल खातों में आ गया, तो यह देखकर एकबारगी सभी सन्न रह गए। दूसरे दिन कॉलेज में चर्चा हुई, तो प्रशासनिक और लेखा शाखा में खलबली मची। रेकॉर्ड टटोला गया तो मालूम हुआ कि कॉलेज की लेखा शाखा से किसी तरह की चूक नहीं हुई है, यह ट्रेजरी से हुआ है। बाद में पता चला कि यहां 12 प्रोफेसर, तीन एसोसिएट प्रोफेसर और चार असिस्टेंट प्रोफेसर के खातों में वेतन दो बार जमा हुआ है। इसकी कुल राशि 50 लाख रुपए से ज्यादा की रही।
इस पर निदेशालय को सूचित कर जिला कोष कार्यालय से पत्राचार किया गया। इस बीच, आगे दिक्कत नहीं हो, इसलिए अतिरिक्त जमा राशि का इस्तेमाल नहीं करने के लिए मोबाइल पर संदेश प्रसारित किया गया। इधर, कॉलेज के अलावा स्कूली व्यायाताओं के मामले में भी ऐसा होने की अपुष्ट सूचना रही। हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी ने ऐसी कोई शिकायत मिलने से इनकार किया। दूसरी ओर, ट्रेजरी से गड़बड़ किस स्तर पर हुई, इस बारे में जिला कोषाधिकारी से संपर्क किया गया, लेकिन जांच जारी होना बताकर वे इसे टला गए।
लाखों के वेतन संबंधित मामले में चर्चा पर लेखा विशेषज्ञों ने बताया कि वित्त से जुड़े होने से ऐसे प्रकरण स्वाभाविक तौर पर गंभीर माने जाते हैं। ऐसे में भले ही वेतन का हो, खाते में डबल कटौती और डबल पैसा आया है, तो उसे सरकारी खजाने के पृथक बजट हैड में ई-चालान से वापस करना होगा। जिनकी जीपीएफ, स्टेट इंश्योरेंस, एलआईसी, इनकम टैक्स व अन्य मद में हजारों की कटौती दोहरी हुई है, उसके बारे में संबंधित विभागों से पत्राचार करना होगा। फिर वे ही मशक्कत कर पैसा सरकारी खजाने को लौटाएंगे। इसमें जिमा प्रोफेसर्स का नहीं, उन्हीं निगम-विभागों का रहेगा।
मामला संज्ञान में आने पर पता करवाया है। इस इश्यू पर जांच जारी है। इससे अधिक कुछ नहीं कह सकता।
हितेष गौड़, जिला कोषाधिकारी बांसवाड़ा
गड़बड़ी ट्रेजरी से ही है। निदेशालय और ट्रेजरी को लिखित जानकारी दे दी गई है। संकाय सदस्यों एवं मंत्रालयिक कर्मचारियों को आदेशित किया गया है कि इस माह में तकनीकी कारणों से अतिरिक्त जमा राशि का उपयोग नहीं करें।
प्रो. कल्याणमल सिंघाड़ा, प्राचार्य,श्रीगोविंद गुरु कॉलेज बांसवाड़ा
Updated on:
09 Feb 2025 10:57 am
Published on:
09 Feb 2025 10:57 am
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